Patna: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव ने बुधवार, 13 अगस्त को आरोप लगाया कि बिहार में भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) ने मतदाता सूची में हेराफेरी की है और उन्होंने कहा कि आयोग ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ मिलीभगत की है. तेजस्वी यादव ने कहा कि चुनाव आयोग अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को दो मतदाता फोटो पहचान पत्र (ईपीआईसी) नंबर जारी कर रहा है.
मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, तेजस्वी यादव ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव आयोग विधानसभा चुनाव से पहले बिहार में दो मतदाता पहचान पत्र हासिल करने में “भाजपा नेताओं की मदद” कर रहा है. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव से पहले विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान बिहार की मतदाता सूची में दूसरे राज्यों के लोगों के नाम जोड़े जा रहे हैं.
राजद नेता ने कहा, “अब गुजरात के लोग बिहार के मतदाता बन रहे हैं. भाजपा के प्रभारी भीखूभाई दलसानिया पटना के मतदाता बन गए हैं. उन्होंने अपना आखिरी वोट 2024 में गुजरात में डाला था, लेकिन वे अब भी पटना के मतदाता हैं. गुजरात में उनका नाम कट गया था, लेकिन गौर करने वाली बात है कि पांच साल भी नहीं हुए और आप जगह बदलकर वोट देने लगे.”
उन्होंने कहा, “जब बिहार चुनाव खत्म हो जाएंगे, तो नाम कटवाकर वे कहां जाएंगे? यह एक साज़िश है जिसे आप सभी को समझना होगा. भाजपा चुनाव आयोग की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर बेईमानी कर रही है.”
मुजफ्फरपुर की मेयर और बीजेपी की बड़ी नेत्री निर्मला देवी के पास दो EPIC ID – REM1251917 और GSB1835164 हैं. इनके एक ही विधानसभा में दो अलग अलग बूथ पर दो अलग-अलग वोट हैं. चुनाव आयोग द्वारा प्रकाशित नई ड्राफ्ट सूची में दो अलग अलग EPIC Card के साथ, दो अलग-अलग उम्र के साथ, एक ही विधानसभा में इनके दो अलग अलग वोट कैसे बन गए? तेजस्वी ने पूछा
एसआईआर मुद्दे पर बोलते हुए तेजस्वी यादव ने कहा, “एसआईआर का मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है और कल एसआईआर में जिन लोगों के नाम मृतक के रूप में दर्ज थे, उन्हें अदालत में ज़िंदा पेश किया गया. यह एक गंभीर मामला है जिसे लोग वोट चोरी कह रहे हैं, लेकिन भाजपा के इशारे पर चुनाव आयोग ‘वोट चोरी’ कर रहा है.”
उन्होंने दावा किया कि पहले के चुनावों में भाजपा ने विपक्ष के खिलाफ सीबीआई, ईडी और आयकर विभाग जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल किया था, लेकिन जब ये तरीके कम कारगर साबित हुए, तो चुनाव आयोग को “आगे लाया गया.” तेजस्वी यादव ने यह भी आरोप लगाया कि 2020 के बिहार चुनाव में “वोट चोरी” हुई थी.
“अब जब सच्चाई सामने आ रही है, तो भाजपा चुप हो गई है… पहले भाजपा के पास चुनावों में धांधली करने का एक फॉर्मूला था, जिसमें सीबीआई और ईडी को लगाया जाता था, लेकिन जब ये सभी एजेंसियां नाकाम रहीं, तो चुनाव आयोग को आगे कर दिया गया.
2020 में भी, चुनाव आयोग ने वोट चुराए. हम 10 सीटों पर 12,000 वोटों के अंतर से हार गए. चंडीगढ़ मेयर चुनाव में सीसीटीवी के बावजूद वे पकड़े गए, इसलिए चुनाव आयोग ने सीसीटीवी को पूरी तरह से हटा दिया. देश की जनता सब कुछ समझती है. चुनाव आयोग केवल भाजपा का साथ दे रहा है. वह विपक्ष के वोट कम कर रहा है और एक ही विधानसभा क्षेत्र में भाजपाइयों के लिए दो EPIC नंबर बना रहा है.”
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