बिहार में सिम स्वैप का पहला मामला, पुलिस के रडार पर मास्टरमाइंड

By: Jan Manas

On: Tuesday, June 9, 2026 10:44 PM

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Madhubani: जिला के साइबर थाना और भेजा थाना की संयुक्त कार्रवाई में एक सीएससी सेंटर संचालक को साइबर फ्रॉड के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार युवक की पहचान भेजा थाना क्षेत्र के दलदल गांव निवासी नीलकमल महतो के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके पास से डिजिटल साक्ष्य भी जब्त किए हैं।

एसपी योगेन्द्र कुमार ने बताया कि नीलकमल महतो सीएससी सेंटर की आड़ में सिम पोर्ट का काम करता था। आरोपी ने एक बुजुर्ग जयभद्र राय के खाते से 45 हजार रुपये निकाल लिए। घटना तब सामने आई जब बुजुर्ग अपनी पेंशन की राशि निकालने उसकी दुकान पर पहुंचे।

एसपी के अनुसार, नीलकमल सिम पोर्ट करने से पहले ग्राहक से ओटीपी ले लेता था। फिर उसी सिम को अपने नाम पर एक्टिवेट कर संबंधित व्यक्ति के बैंक खाते से पैसे निकाल लेता था। उसके अवैध कार्यों की सूचना लगातार साइबर थाना और भेजा थाना को मिल रही थी। इसके बाद सोमवार को दोनों थानों की टीम ने छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने साइबर फ्रॉड की बात कबूल कर ली है।

एसपी ने कहा कि जांच में यह भी देखा जा रहा है कि एयरटेल ऑपरेटर ने पोर्टिंग कोड कैसे जारी किया। मधुबनी पुलिस इस मामले में कंपनी पर भी कार्रवाई करेगी और कानूनी प्रक्रिया के तहत जुर्माना लगाया जाएगा, क्योंकि यह कंपनी की घोर लापरवाही है।

एसपी योगेन्द्र कुमार ने बताया कि बिहार में इस तरह का यह पहला स्वैप केस है। इससे पहले कर्नाटक, हैदराबाद, बेंगलुरु और गुजरात जैसे राज्यों में ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें साइबर फ्रॉड ने करोड़ों रुपये की ठगी की थी।

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