- संवाददाता- वीरेंद्र कुमार
Nalanda: नालंदा जिले के हरनौत थाना क्षेत्र के गोनावां रोड पर बन रहा ओवरब्रिज रविवार को मौत का मंजर बन गया. सीमेंट डालने के दौरान अचानक उसका ढांचा भरभराकर गिर पड़ा. देखते ही देखते मजदूर मलबे में दब गए. 6 मजदूर गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है. कई की हालत नाजुक बताई जा रही है. हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई.
प्रशासन में हड़कंप, अधिकारी मौके पर दौड़े
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमले में खलबली मच गई. पुल निर्माण विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक, एसीएम नितिन वैभव काजले और बीडीओ मौके पर पहुंचे और मुआयना किया. सचिव ने कहा कि जिम्मेदार अधिकारियों और संवेदकों पर सख्त कार्रवाई होगी.
सरकार ने बनाई जांच टीम, लेकिन ग्रामीणों का आरोप- 2023 से हादसों का पुल
सरकार ने जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन कर दिया है. टीम जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेगी. लेकिन स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा चरम पर है. ग्रामीणों का आरोप है कि 2023 से इस पुल का निर्माण हो रहा है और तब से अब तक कई बार ढांचा गिर चुका है. यह पुल हादसों का पुल बन चुका है. करोड़ों खर्च हो रहे हैं लेकिन गुणवत्ता नाम की चीज नहीं है.
मलबे में और मजदूर दबे होने की आशंका, प्रशासन ने किया खारिज
ग्रामीणों ने आशंका जताई कि ढहे ढांचे के नीचे और मजदूर दबे हो सकते हैं. हालांकि प्रशासन ने इस संभावना को सिरे से खारिज कर दिया.
सवालों के घेरे में निर्माण गुणवत्ता और सुरक्षा
हरनौत हादसे ने एक बार फिर बिहार में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की पोल खोल दी है. ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार और अफसरों की मिलीभगत से घटिया सामग्री का इस्तेमाल हो रहा है. करोड़ों की लागत से बन रहा पुल बार-बार गिर रहा है, लेकिन कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित है.
ये भी पढ़ें-
सहरसा में लंबे अर्से के बाद रेल ओवरब्रिज निमार्ण शुरू, 143 करोड़ की लागत बनेगा ROB






