- संवाददाता- वीरेंद्र कुमार
Nalanda: बिहारशरीफ के भैंसासुर इलाके के सात युवक नेपाल घूमने गये थे, लेकिन वहां अचानक नेपाल में भड़की हिंसा और विरोध-प्रदर्शन के बीच फंस गए. सभी 5 सितंबर को कार से नेपाल पहुंचे थे.
चार युवक– सुबोध कुमार, संजीव कुमार, विपिन सिंह और धीरज कुमार लोअर मकवानपुर स्थित एक लॉज में शरण लिए हुए हैं. वे रक्सौल बॉर्डर से करीब 100 किलोमीटर दूर हैं. युवकों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने उनकी कार तोड़ दी और कई दिनों तक उन्हें न खाना मिला न पानी.
बड़ी मुश्किल से एक लॉज में ठहरने की जगह मिली. रुपये खत्म होने पर वे जान-पहचान वालों से ऑनलाइन मदद लेकर गुजर-बसर कर रहे हैं. तो वही इधर, उनके परिजन सुरक्षित वापसी की गुहार लगा रहे हैं. वहीं उनके तीन साथी होटल छोड़कर टेम्पो से भारत सीमा की ओर रवाना हुए थे, लेकिन बुधवार दोपहर के बाद से उनका कोई अता-पता नहीं है.
बता दें कि पिछले दिनों नेपाल में जेन-जी ने भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया बैन को लेकर हिंसक प्रदर्शन किया. पहले प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई गई, जिसमें करीब डेढ़ दर्जन प्रदर्नकारियों की मौत हो गई. जिसके बाद प्रदर्शन हिंसक हो गई. इसमें पीएम केपी ओली समेत तमाम मंत्रियों को इस्तीफा देने पड़ा. वहीं हिंसक भीड़ ने तीन पूर्व पीएएम और उनकी पत्नी के साथ भी मारपीट की. पत्नी को जिंदा जला दिया गया. राष्ट्रपति भवन, संसद समेत तमाम सरकारी भवनों को आग के हवाले कर दिया गया.
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