Patna: बिहार में समर्पित जमाई आयोग के गठन की मांग पर सियासी बवाल मचा हुआ है. नीतीश सरकार के परिवारवाद को बढ़ावा देने वाले फैसले पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने यह मांग कर दी है. इसे लेकर अशोक चौधरी अपने दामाद के बचाव में आगे आए और सफाई दी.
बोर्ड निगम के गठन पर सियासी पारा
नीतीश सरकार की ओर से हाल ही में बिहार में बोर्ड निगम और विभिन्न आयोगों में एनडीए के बड़े नेताओं के दामदों को एडजस्ट किया गया है. किसी को चेयरमैन बनाया गया है तो कोई उपाध्यक्ष बनाए गए हैं, तो किसी को सदस्य बनाया गया है. इसी को लेकर तेजस्वी यादव हमलावर हैं. नीतीश कुमार और एनडीए के अन्य नेताओं पर निशाना साधते हुए तेजस्वी यादव ने एक मांग कर दी.
समर्पित जमाई आयोग के गठन की मांग
तेजस्वी यादव ने तंज कसते हुए कहा कि नीतीश कुमार सरकार को एक समर्पित जमाई आयोग का गठन कर देना चाहिए. तेजस्वी यादव का यह बयान बिहार की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है. तेजस्वी यादव ने कहा कि आयोग का जो गठन हुआ है, इसके लिए हम मुख्यमंत्री जी से अपील करते हैं कि समर्पित जमाई आयोग का गठन किया जाए. रामविलास पासवान जी के दामाद को आयोग में जगह मिली है, अशोक चौधरी के दामाद को जगह मिली है. मांझी जी के दामाद को भी आयोग में जगह मिली है. अब आप देख लीजिए माने और कोई सक्षम लोग नहीं है.
अशोक चौधरी ने दी ये दलील
तेजस्वी के इस बयान पर नीतीश सरकार में मंत्री अशोक चौधरी ने जवाब दिया है. क्योंकि इनके दामाद को भी बोर्ड निमग में जगह मिली है. उन्होंने कहा कि उनके दामाद सायण कुणाल को जेडीयू कोटे से नहीं बल्कि आरएसएस के कोटे से बिहार धार्मिक न्यास पर्षद का सदस्य बनाया गया है. उन्होंने कहा कि सायण कुणाल मेरे दामाद बनने से पहले आचार्य किशोर कुणाल जी के बेटे हैं. उनके पिता के कामों का पुरस्कार उन्हें मिला है. अशोक चौधरी ने कहा कि सीएम नीतीश ने सायण कुणाल को उनके दामाद की हैसियत से नहीं बल्कि संघ के कोटे से किशोर कुणाल के बेटे के तौर नियुक्त किया है.
इन जमाइयों को किया गया एडजस्ट
बता दें कि पिछले दिनों नीतीश सरकार ने बोर्ड और आयोगों का पुनर्गठन किया है. जिनमें कई नेताओं की नियुक्ति हई है. इसी में रामविलास पासवान के दामाद और चिराग पासवान के बहनोई मृणाल पासवान को बिहार राज्य अनुसूचित जाति आयोग का चेयरमैन बनाया गया है. इसी आयोग में देवेंद्र मांझी को उपाध्यक्ष बनाया गया है. देवेंद्र मांझी जीतन राम मांझी के दामाद है. वहीं, सायण कुणाल को बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद का सदस्य बनाया गया है. सायण कुणाल अशोक चौधरी के दामाद है. वह, एलजेपी की सांसद शांभवी चौधरी के पति और किशोर कुणाल के बेटे हैं.
इन्ही दामादों की नियुक्ति को लेकर तेजस्वी यादव तंज कस रहे हैं. क्योंकि एनडीए के नेताओं की तरफ से आरजेडी पर लगातार परिवारवाद को लेकर हमला किया जा रहा है. इन नियुक्तियों को कैसे परिवारवाद से अगल किया जा सकता है.
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