Gopalganj: जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने नीतीश सरकार द्वारा विभिन्न आयोगों के गठन में नेताओं और अफसरों के परिजनों को सदस्य बनाए जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि नीतीश कुमार निर्णय लेने की स्थिति में नहीं हैं. उन्होंने नेता प्रतिपक्ष पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि सबसे हास्यास्पद बात यह है कि जिस व्यक्ति के परिवार के 8 सदस्य राजनीति में हैं, वह दूसरों पर उंगली उठा रहा है.
अशोक चौधरी सर्वदलीय नेता
इसके साथ ही उन्होंने जदयू नेता अशोक चौधरी पर हमला बोलते हुए कहा कि अशोक चौधरी सर्वदलीय नेता हैं. उनके पिता कांग्रेस में विधायक मंत्री थे, वे जदयू से विधायक मंत्री हैं, उनकी बेटी लोजपा से सांसद हैं और उनके दामाद को अब भाजपा संघ के कोटे से धार्मिक न्यास बोर्ड का सदस्य बना दिया गया है. एक ही परिवार के लोग सभी पार्टियों में हैं. सभी मिलकर जनता को बुड़बक बना रहे हैं. इनका उद्देश्य किसी भी तरह से सत्ता में बने रहना और जनता को लूटना है.
पीएम मोदी के बिहार दौरे से पहले किया बड़ा हमला
प्रशांत किशोर ने पीएम मोदी से उनके आगामी बिहार दौरे से पहले सवाल पूछा कि वो यहां आकर बताएं कि कब से हमारे बच्चों को मजदूरी करने के लिए गुजरात नहीं जाना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि ये कोई नई बात नहीं है कि मोदी जी बिहार आ रहे हैं. बिहार में चुनाव आ रहा है इसलिए अब मोदी जी को सिर्फ बिहार ही दिखेगा और यहां आकर वो गरीबों के पैसे से अपना और अपनी पार्टी का प्रचार करेंगे और हर बार की तरह 4 किलो अनाज और पाकिस्तान की बात करेंगे. लेकिन मोदी जी ये नहीं बताएंगे कि गोपालगंज में चीनी मिल कब शुरू होगी, वो ये नहीं बताएंगे कि कब से बिहार के बच्चों को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा, वो ये नहीं बताएंगे कि बिहार के बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा व्यवस्था कब होगी.
बिहार में बदलाव के लिए वोट दें
प्रशांत किशोर ने अपने संबोधन में कहा कि बिहार में अधिकारी और नेता राशन कार्ड बनाने से लेकर जमीन की रसीद कटाने तक के लिए रिश्वत ले रहे हैं, जिससे आम लोग परेशान हैं. उन्होंने कहा कि वह यहां लोगों को जागरूक करने आए हैं, उन्हें अपने बच्चों के भविष्य के लिए वोट करना चाहिए. जनता इस बात से संतुष्ट है कि उसे पांच किलो अनाज, सिलेंडर और बिजली मिल रही है. लेकिन जनता यह नहीं सोचती कि उसके बच्चों को शिक्षा और रोजगार नहीं मिल रहा है.
अपने बच्चों के भविष्य के लिए करें वोट
उन्होंने जनता से अपील की कि उन्हें और उनके बच्चों को लूटने वाले नेताओं को वोट न दें. अगली बार अपने बच्चों के लिए वोट दें और बिहार में जनता का राज स्थापित करें. बिहार में व्यवस्था परिवर्तन कर जनता का राज स्थापित करने के लिए नेताओं का चेहरा देखकर वोट न करें. चुनाव में वोट लालू, नीतीश और मोदी के चेहरे पर नहीं अपने बच्चों के चेहरे को देखकर दीजिएगा. अगली बार अपने बच्चों की शिक्षा और रोजगार के लिए वोट करें.
प्रशांत किशोर की जनसभाओं में हजारों की संख्या में लोग मौजूद थे. सुबह से ही बड़ी संख्या में युवा और महिलाएं जनसभा स्थल पर पहुंचने लगे थे और जन सुराज के सूत्रधार को सुनने के लिए उनमें काफी उत्साह देखा गया. कार्यक्रम में पार्टी के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शाल ओढ़ाकर और माला पहनाकर उनको सम्मानित किया.
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