Patna: पटना नगर निगम की बोर्ड की बैठक में पार्षदों ने जमकर हंगामा किया. तीन मुद्दे को लेकर पार्षद बैठक में घंटों बहस करते रहे, लेकिन हंगामे के बीच एक भी एजेंडे पर मुहर नहीं लगी. यह इतिहास में पहला मौका था जब पटना नगर निगम की बैठक में कोई प्रस्ताव पास नहीं हुआ.
मीडिया को नहीं जाने दिया अंदर
बुधवार को पटना नगर निगम बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव संख्या 123, 124 और 125 को लेकर जमकर बहस हुई. उस मुद्दे पर करीब चार घंटे तक बहस हुई, लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकला. मेयर सीता साहू ने इस बैठक को ही रद्द कर दिया. अगली बैठक एक जुलाई को निर्धारित की गई है. सबसे अहम बात ये है कि बैठक को लेकर मीडिया को आमंत्रण दिया गया था, बावजूद इसके मेयर के बेटे ने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लोगों को अंदर नहीं जाने दिया.
कोर्ट में लंबित मामले पर फैसला लेना गलत
वार्ड पार्षद डॉ. चंद्रदीप चंद्रवंशी ने कहा कि तीन ऐसे फैसले पर मुहर लगाने की कोशिश की गई, जिस पर कभी चर्चा ही नहीं हुई थी. इसमें सबसे पहला यह था कि सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि पटना नगर निगम द्वारा किसी भी तरह की योजना बिना सशक्त स्थाई समिति और निगम पार्षद के अनुमोदन के बिना नहीं कराया जाए. जबकि कोर्ट में चल रहे मामलों पर निर्णय नहीं लिया जाता है.
गलत तरीके से अमेजिंग इंडिया को दिया जा रहा काम
इसमें सबसे प्रमुख अमेजिंग इंडिया ने स्मार्ट पार्किंग को फिर से शुरू करने की बात की थी. जबकि अमेजिंग इंडिया कॉन्ट्रैक्टर प्राइवेट लिमिटेड लगत कामों में शामिल था. इसे रोकने की जब कोशिश की गई थी तब रेवेन्यू ऑफिसर को किडनैप करके हत्या की कोशिश की गई थी. उसके बाद एजेंसी को टर्मिनेट किया गया था. अब फिर से उसी एजेंसी को बहाल करने की कोशिश की जा रही है.
अधिवक्ता को हटाने की कोशिश
इतना ही नहीं अमेजिंग इंडिया के खिलाफ कोर्ट में नगर निगम का पक्ष रखने वाले अधिवक्ता प्रसूल सिन्हा को हटाकर उनकी जगह दूसरे को रखने की बात कही जा रही है. जिसका भी पार्षदों ने विरोध किया.
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