- संवाददाता- मो. करीमुल्लाह
Madhubani: मधुबनी के संदीप यूनिवर्सिटी ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है. विश्वविद्यालय को हाल ही में भारतीय विधि परिषद से विधि शिक्षा प्रदान करने की अनुमति प्राप्त हुई है. इसके अंतर्गत तीन प्रमुख विधि पाठ्यक्रमों की शुरुआत की जा रही है.
- बी.ए. एलएल.बी. (5 वर्षीय एकीकृत पाठ्यक्रम)
- बी.बी.ए. एलएल.बी. (5 वर्षीय एकीकृत पाठ्यक्रम)
- एलएल.बी. (3 वर्षीय स्नातक उपरांत पाठ्यक्रम)
इन पाठ्यक्रमों का शुभारंभ संदीप विश्वविद्यालय के अध्यक्ष मिथिला रत्न डॉ. संदीप एन. झा की अध्यक्षता में किया गया. शुभारंभ समारोह के मुख्य अतिथि मधुबनी जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनामिका टी. अतिविशिष्ट अतिथि परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश जय किशोर दुबे, जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पाठक आलोक कौशिक, विशिष्ट अतिथि के रूप में न्यायिक मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास दिवानंद झा शामिल हुए.
सभी आमंत्रित अतिथियों का विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. संदीप झा के द्वारा मिथिला की परंपरा के अनुसार पाग दोपटा से स्वागत किया गया. अध्यक्षीय भाषण में डॉ. संदीप झा ने मिथिला के सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित शैक्षिक इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में अपने नये अध्याय की शुरुआत कर रहा है. इसी कड़ी में मिथिला में प्रथम विधि पाठ्यक्रम संचालित कर रहा है. यह उपलब्धि संदीप विश्वविद्यालय के लिए एक और मील का पत्थर है. आगे कहा कि विश्वविद्यालय को NAAC द्वारा जून 2025 में B++ ग्रेड प्रदान किया गया, जिससे यह बिहार में तीसरा सर्वोच्च CGPA प्राप्त करने वाला विश्वविद्यालय बन गया है.

संदीप विश्वविद्यालय ने अपनी स्थापना से ही शैक्षणिक गुणवत्ता और समग्र विकास को प्राथमिकता दी है. वर्तमान में यह विश्वविद्यालय निम्नलिखित प्रमुख शैक्षणिक इकाइयों का संचालन कर रहा है.
स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, स्कूल ऑफ कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, स्कूल ऑफ कॉमर्स एंड मैनेजमेंट स्टडीज़, श्री नित्यानंद झा कॉलेज ऑफ एजुकेशन, स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर साइंस, स्कूल ऑफ लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस.
विधि कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर मुख्य अतिथि के साथ ही सभी अतिथियों ने अपने विचार पर प्रकाश डाला एवं अपनी शुभकामनाएं दी. धन्यवाद ज्ञापन विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. समीर कुमार वर्मा जी ने अपने संबोधन मे कहा कि संदीप विश्वविद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में अपने नए अध्याय की शुरुआत कर रहा है, जिसका उद्देश्य न्याय प्रणाली के लिए सक्षम और नैतिक रूप से सजग विधि पेशेवर तैयार करना है.
कुलपति ने अपने संबोधन में कहा कि इस ऐतिहासिक अवसर पर सभी विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षाविदों एवं सामाजिक प्रबुद्धजनों को विश्वविद्यालय में धन्यवाद करता है और हम आशा करते हैं कि यह पहल क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण विधि शिक्षा के नए द्वार खोलेगी.
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