Patna: पटना में जन सुराज के कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज हुआ है. लाठीचार्ज के बाद प्रशांत किशोर ने अपनी भड़ास पुलिस के अधिकारियों पर निकाली. जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने आज पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अंतर्गत 3 मांगों को लेकर विधानसभा घेराव का नेतृत्व किया. बेली रोड स्थित शेखपुरा हाउस से हजारों जन सुराज के समर्थकों के साथ प्रशांत किशोर दोपहर 12 बजे के करीब निकले. एयरपोर्ट रोड होते हुए जन सुराज के कार्यकर्ता पटेल गोलंबर तक पहुंचे. पटेल गोलंबर पर पुलिस ने जन सुराजियों को रोकने की असफल कोशिश की. लेकिन पहला बैरिकेड तोड़कर सभी लोग विधानसभा की ओर बढ़ने लगे.
इसके बाद पुलिस ने फिर रोकने को कोशिश की तो प्रशांत किशोर समेत हजारों कार्यकर्ता सड़क पर ही धरने पर बैठ गए. काफी देर तक पुलिस ने कार्यकर्ताओं को हटाने की कोशिश की. इस दौरान पटना पुलिस ने जन सुराज के निहत्थे कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज भी कर दिया. लाठीचार्ज में कई समर्थकों को गंभीर चोट लगी. कई के सिर फूटे. कई कार्यकर्ता पुलिस से धक्का-मुक्की में घायल भी हुए.

लाठीचार्ज PK भड़के
इस दौरान प्रशांत किशोर मीडिया से बात करते हुए पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों पर भड़क गए. उन्होंने अधिकारियों को चैलेंज करते हुए कहा कि आपने बच्चों पर लाठीचार्ज क्यों किया? नीतीश कुमार से परमिशन लेकर आइए और मुझपर लाठीचार्ज करिए. हिम्मत है तो ऐसा करिए, फिर देखिए, कल से बिहार भर में सरकार का निकलना मुश्किल कर देंगे.
प्रशांत किशोर ने बताया कि मुख्य सचिव ने प्रतिनिधिमंडल को मिलने के लिए बुलाया है. उन्होंने कहा कि अगर मुख्य सचिव यह लिखकर नहीं देंगे कि हमारी मांगों पर कितने दिन में कार्रवाई होगी, तो अब आगे नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे. एक लाख आदमी लाकर घर को घेर लेंगे. वो निकल नहीं पाएंगे.

CS से मिला जन सुराज का प्रतिनिधिमंडल
इस बीच पटना जिला प्रशासन की ओर से जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती के नेतृत्व में 6 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को मुख्य सचिव से मिलने के लिए ले जाया गया. प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव से मुलाकात कर उन्हें पार्टी की 3 मांगों का ज्ञापन सौंपा. मनोज भारती ने बताया कि बिहार की जनता के लिए अहम इन तीन मुद्दों पर जन सुराज ने एक करोड़ लोगों के हस्ताक्षर लिए हैं. मुख्य सचिव से मिलने गए जन सुराज के 6 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती, एनपी मंडल, किशोर कुमार, अरविंद सिंह, ललन यादव और जितेंद्र मिश्रा शामिल रहे.

इन तीन मांगों में शामिल है –
- साल 2023 की जातीय जनगणना में चिह्नित 94 लाख गरीब परिवारों को 2 लाख रुपये की सहायता कब मिलेगी?
- 50 लाख भूमिहीन दलित और अति पिछड़े परिवारों को 3 डिसमिल जमीन देने के वादे का क्या हुआ?
- भूमि सर्वे के नाम पर वंशावली, रसीद और दाखिल-खारिज में हो रही लूट कब रुकेगी?
मुख्य सचिव से तीनों मांगों पर जल्द कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रशांत किशोर और हजारों कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके से वापस हो गए.
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