Madhubani: भाकपा (माले) का बिहार राज्य का 12वां सम्मेलन 16, 17, 18 मई को दरभंगा के लहेरियासराय में होगा, जहां से बुलडोजर राज तथा अन्याय के खिलाफ संघर्ष तेज करने का निर्णय लिया जाएगा। बिहार को बुलडोजर राज का प्रयोगशाला नहीं बनने दिया जाएगा। उक्त बातें आज भाकपा (माले) बिहार का 12वां राज्य सम्मेलन के लिए प्रतिनिधि चुनाव की प्रक्रिया को सम्पन्न कराने के बाद राज्य की ओर से आए पर्यवेक्षक जिरादेई (सीवान) के पूर्व विधायक कामरेड अमरजीत कुशवाहा ने भाकपा (माले) जिला कार्यालय मधुबनी में एक प्रेस वार्ता के दौरान कही।
उन्होंने आगे कहा कि बिहार एक खतरनाक मोड़ पर है, जहां जनता के समस्याओ व-दुख को अनदेखा कर भाजपा सत्ता पर काबिज हो गई है। यह सत्ता परिवर्तन नहीं बल्कि लोकतंत्र पर सीधा हमला है। भाजपा बिहार को बुलडोजर राज की प्रयोगशाला बनाना चाहती है, जहां कानून नहीं मनमानी चले, जहां न्याय नहीं दमन हो। लेकिन भाजपा को यह भ्रम नहीं पालना चाहिए। बिहार की जनता हमेशा अन्याय, दमन और प्रतिगामी राजनीति के खिलाफ लड़ाई लड़ी है और हर बार ऐसी ताकतों को पराजित किया है।
उन्होंने एकजुट होकर पूरी ताकत के साथ भाजपा की जनविरोधी नीतियों का मुकाबला करने का आह्वान किया तथा लोकतंत्र, संविधान और जनाधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष तेज करने का आह्वान किया। साथ ही महिला आरक्षण को तत्काल लागू करने की मांग की।
प्रेस वार्ता में भाकपा (माले) जिला सचिव ध्रुब नारायण कर्ण सम्मेलन के लिए निर्वाचित प्रतिनिधियों की सूची जारी की गई तथा राज्य सम्मेलन को सफल बनाने का अपील की। वार्ता में श्याम पंडित, उत्तिम पासवान , विश्वम्भर कामत तथा मदन चंद्र झा भी शामिल थे।






