Patna: पटना पुलिस ने लगातार दूसरे दिन लाठीचार्ज किया है. पटना में एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज किया गया है. विधानसभा का घेराव करने गए एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस की धक्का मुक्की हो गई. इस दौरान पुलिस ने पहले वाटर कैनन का इस्तेमाल किया फिर लाठीचार्ज किया.
एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को रोका
पांच सूत्री मांगों को लेकर गुरुवार को एनएसयूआई के कार्यकर्ता विधानसभा घेराव के लिए निकले. उनके साथ बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश राम समेत कई विधायक और बड़े नेता भी थे. दोपहर 12 बजे सदाकत आश्रम से मार्च करते हुए राजापुर पुल, बोरिंग रोड चौराहा होते हुए विधानसभा का घेराव करने आगे बढ़ रहे थे. इसी दौरान कार्यकर्ताओं को पुलिस ने राजापुर पुल के पास रोक दिया.
पुलिस ने किया लाठीचार्ज
बैरिकेडिंग लगाकर कार्यकर्ताओं को रोका गया. इस दौरान कई कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए. कुछ कार्यकर्ता उग्र होकर विरोध प्रदर्शन करने लगे. भीड़ को कंट्रोल करने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया. इससे बात नहीं बनी तो पुलिस ने बल प्रयोग किया. इस दौरान एनएसयूआई का कार्यकर्ता सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे.
पुलिस दोषी नहीं, सिस्टम फेल्योर
इस विरोध प्रदर्शन में पटना यूनिवर्सिटी समते बिहार के तमाम विश्वविद्यालय के छात्र शामिल हुए. कांग्रेस नेता शकील अहमद खान ने कहा कि जब भी आप कोई सवाल खड़े करेंगे तो बिहार सरकार इसी तरह से दमनकारी स्थिति बनाती है. इसमें पुलिस दोषी नहीं है, सिस्टम फेल्योर है. वहीं, कांग्रेस के दूसरे नेताओं ने भी पुलिसिया कार्रवाई का विरोध करते हुए सरकार पर निशाना साधा है.
इन पांच मांगों को लेकर प्रदर्शन
- प्राइवेट संस्थानों में आरक्षण और एससी-एसटी सब-प्लान लागू होना चाहिए.
- तीन साल में डिग्री दी जाए, इसके लिए पांच साल न लगाई जाए
- 50 प्रतिशत आरक्षण की सीमा क्यों हटाने की बात की जा रही है
- दलित, पिछड़ा, आदिवासी छात्रों की स्कॉलरशिप पर 70 प्रतिशत तक की कटौती क्यों
- छात्र क्रेडिट कार्ड के नाम पर पढ़ाई के लिए कर्ज तो दिया, लेकिन नौकरी नहीं मिली
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