- चिराग पासवान की ताजपोशी पोस्टर के बाद बवाल
- मोदी के हनुमान के रूप में काम कर रहे चिराग
- नीतीश से मुलाकात, डैमेज कंट्रोल की कोशिश
- बिहार में सीएम पद की वैकेंसी नहीं
Patna: रविवार को पटना में चिराग पासवान के ताजपोशी वाले पोस्टर लगने के बाद शुरू हुई राजनीतिक कयासबाजी के बीच सोमवार को एलजेपी (रामविलास) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग खुद सीएम नीतीश कुमार से मिलने पहुंचे उनके आवास पहुंच गए. चिराग के साथ उनके जीजा और सांसद अरुण भारती भी थे. वहीं, नीतीश कुमार के आवास पर मंत्री विजय चौधरी पहले से ही मौजूद थे.
डैमेज कंट्रोल की कोशिश
मुलाकात के बाद चिराग पासवान ने कहा कि बिहार में फिलहाल मुख्यमंत्री पद की कोई वैकेंसी नहीं है. उन्होंने कहा कि सीएम नीतीश कुमार बिहार में हमारे एनडीए का नेतृत्व कर रहे हैं. मुझे उम्मीद ही नहीं पूरा विश्वास है कि चुनाव परिणामों के बाद पीएम मोदी की सोच वाली एक मजबूत सरकार नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनेगा.
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एक दिन लगे थे चिराग की ताजपोशी के पोस्टर
बता दें कि एक दिन पहले यानी कि रविवार को बिहार की राजधानी पटना में कई जगहों पर एलजेपी (रामविलास) के नेताओं की तरफ से पोस्टर लगाए गए, जिसमें केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को लेकर यह लिखा था कि बिहार कर रहा ताजपोशी का इंतजार, दंगा फसाद न बवाल चाहिए, बिहार का सीएम चिराग चाहिए.
चिराग बीजेपी की पिच पर कर रहे बैटिंग
रविवार को चिराग पासवान के ताजपोशी को लेकर पटना में लगे पोस्टर और फिर सीएम नीतीश कुमार के साथ मुलाकात के बाद बिहार की सियासत में तरह-तरह की चर्चाएं हैं. इसे लेकर जन मानस के संपादक मानस मिहिर का कहना है कि बीजेपी चिराग पासवान के माध्यम से नीतीश कुमार पर नकेल कस कर रखना चाहती है. इसलिए पहले चिराग पासवान से या तो बयान दिलवाया जाता है, या फिर उनकी पार्टी की ओर से दबाव बनाने के लिए पोस्टर लगाए जाते हैं. फिर नीतीश कुछ ज्यादा भड़क नहीं जाएं इसलिए चिराग अपने पिछले बयान पर सफाई देते हैं या फिर आज की तरह मिलकर नीतीश की नाराजगी को ठंडा किया जाता है. कुल मिलाकर देखें तो यह बीजेपी की रणनीति हो सकती है. क्योंकि नीतीश को याद ही होगा कि 2020 के चुनाव में चिराग पासवान ने उनका कितना नुकसान किया था.






