- रिपोर्ट- फिरोज अहमद
Darbhanga: जाले विधानसभा क्षेत्र के भमरपुरा में माई बहिन मान योजना के अंतर्गत दर्जनों महिलाओं का पंजीकरण कराया गया. इस अवसर पर पूर्व महागठबंधन प्रत्याशी डॉ. मसकूर अहमद उस्मानी विशेष रूप से उपस्थित रहे. उन्होंने कहा कि यह योजना केवल एक आर्थिक सहायता योजना नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है.
रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू
डॉ. उस्मानी ने कहा कि माई बहिन मान योजना राहुल गांधी की उस सोच का हिस्सा है, जिसमें हर महिला को सम्मान, स्वावलंबन और अधिकार का पूरा हक मिले. आज का यह रजिस्ट्रेशन कैंप सिर्फ एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक क्रांति की शुरुआत है.
घर घर जाकर योजनाओं की जानकारी
स्थानीय कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर योजना की जानकारी दी और महिलाओं को इसके लाभों से अवगत कराया. गांव की सैकड़ों महिलाओं ने इस पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि यह योजना उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगी.
आ गया है बदलाव का समय
जनसंपर्क के दौरान ग्रामीणों ने महंगाई, बेरोजगारी और जल संकट जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की, जिस पर डॉ. उस्मानी ने भरोसा दिलाया कि आने वाला समय बदलाव का होगा और महागठबंधन की सरकार गरीब, पिछड़े और मेहनतकश वर्गों के साथ खड़ी होगी.
सहरसा में भी रजिस्ट्रेशन
बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के निर्देशानुसार प्रदेश प्रतिनिधि मजनू हैदर अली कैश की अध्यक्षता में सहरसा बस्ती वार्ड नंबर 28 में अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के पर्यवेक्षक मनोज गौतम की उपस्थिति में माई बहिन मान योजना के तहत सैकड़ों महिलाओं ने पंजीकरण कराया.
मोदी के झांसे में न आने की अपील
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए पर्यवेक्षक मनोज गौतम ने कहा कि कांग्रेस जो कहती है वही करती है कि अगर बिहार में महागठबंधन की सरकार बनती है तो बिहार की जनता के लिए इस योजना के अलावे अन्य योजनाएं भी लागू करेगी. बिहार के चुनाव में मोदी जी और एनडीए के नेता आकर रंग विरंगी घोषणा करेंगे लेकिन वो अन्य प्रदेशों की तरह कभी भी पूरा नहीं करेंगे और बिहार की घोषणा भी जुमला साबित होगी.
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