Patna: मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण के विरोध में महागठबंधन द्वारा बुलाए गए बिहार बंद का असर देखने को मिल रहा है. आरजेडी, कांग्रेस, लेफ्ट और वीआईपी का कार्यकर्ता ने कई जगहों पर सड़कों और रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया. कई जगहों पर ट्रेन को रोका गया तो कई जगहों पर एनएच को जाम कर दिया गया. बंद को सफल बनाने के लिए महागठबंधन के बड़े नेता राहुल गांधी, तेजस्वी यादव, दीपांकर भट्टाचार्य और मुकेश सहनी सड़क पर उतरे. राहुल तेजस्वी को पुलिस ने चुनाव आयोग जाने से रोका है.
सचिवालय थाना के पास राहुल तेजस्वी को रोका
ये सभी बड़े नेता पटना के इनकम टैक्स चौराहे से एक ही गाड़ी पर सवार होकर प्रदर्शन करते हुए चुनाव आयोग कार्यालय के लिए निकले. सचिवालय थाना के पास पुलिस ने सभी को बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया. उन्हें यहां से आगे नहीं जाने दिया गया. फिर नेताओं ने यहीं पर भाषण दिया और लौट गए. इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि महाराष्ट्र की तर्ज पर बिहार में भी बीजेपी वोट की चोरी करना चाहती है. महाराष्ट्र में अलग मॉडल था. बिहार में अलग मॉडल के जरिए वोट की चोरी करने की कोशिश हो रही है. इसे हम किसी सूरत में नहीं होने देंगे.
बिहार के लोग ऐसा नहीं होने देंगे
राहुल गांधी ने कहा कि चुनाव आयोग जो करना है करे, लेकिन बाद में कानून आप पर लागू होगा. आप कितने भी बड़े पद पर बैठे हों. कानून आपको नहीं छोड़ेगा. आपका काम हिन्दुस्तान के संविधान की रक्षा करने का है और आप अपना काम नहीं कर रहे हो. उन्होंने कहा कि ये बिहार है, बिहार की जनता ये नहीं होने देगी. इलेक्शन कमीशन बीजेपी और आरएसएस नेताओं की तरह बात कर रहे हैं.
देश के कोने कोने में चक्का जाम का संदेश
वहीं, तेजस्वी यादव ने कहा कि गरीबों, बहुजनों और अल्पसंख्यकों के मताधिकार पर हमला पूरे संविधान पर हमला है. पक्षपातपूर्ण मतदाता पुनरीक्षण के नाम पर भाजपा और संघ का बहुजन विरोधी एजेंडा स्वीकार नही. बिहार में चक्का जाम का संदेश देश के कोने कोने में जा रहा है.
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