बिहारशरीफ (नालंदा): ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी द्वारा 200 मीटर लंबी तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। यह यात्रा बिहारशरीफ के श्रम कल्याण केंद्र मैदान से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख चौक-चौराहों से गुजरते हुए देशभक्ति के नारों से गूंज उठी।
“भारत माता की जय”, “पीएम मोदी जिंदाबाद”, और “देश की सेना अमर रहे” जैसे नारों से शहर का वातावरण गूंज उठा। हजारों की संख्या में लोगों ने इस यात्रा में भाग लिया, जिनमें युवाओं, महिलाओं, और बुजुर्गों का उत्साह देखने लायक था। यात्रा का समापन श्रम कल्याण केंद्र पर हुआ, जहाँ भारी संख्या में लोग उपस्थित थे।
मंत्री बोले – ‘युद्ध रुका है, खत्म नहीं’
बिहार सरकार के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. सुनील कुमार के नेतृत्व में इस तिरंगा यात्रा का आयोजन हुआ। उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर कहा,
“हमारी सेना ने महज दो दिनों में पाकिस्तान को घुटनों पर ला दिया है। ये पूरी दुनिया के लिए एक चौंकाने वाला दृश्य रहा।”
डॉ. सुनील कुमार ने यह भी कहा कि यह युद्ध खत्म नहीं, केवल रोका गया है। यदि पाकिस्तान या उसके समर्थित आतंकी फिर से भारत की ओर आंख उठाकर देखेंगे, तो एक बार फिर से वही सख्त जवाब मिलेगा।
‘मोदी ने अपनी शर्तों पर कराया युद्धविराम’
मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रणनीति की सराहना करते हुए कहा,
“जब पाकिस्तान युद्धविराम के लिए गिड़गिड़ा रहा था, तब प्रधानमंत्री ने अपनी शर्तों पर यह युद्ध विराम लागू किया।”
उन्होंने इस युद्धविराम को ‘स्थगन’ बताया और चेताया कि अगर आतंकी हमला दोहराया गया, तो भारत एक बार फिर पाकिस्तान की धरती पर सर्जिकल वार करेगा।
तिरंगा यात्रा: एकता और शक्ति का प्रतीक
डॉ. सुनील कुमार ने इस तिरंगा यात्रा को भारत की राष्ट्रीय एकता और सैन्य ताकत का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा,
“ऑपरेशन सिंदूर ने सिद्ध कर दिया है कि भारत अब किसी भी आतंकी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगा।”
यह यात्रा न सिर्फ सेना के पराक्रम का सम्मान थी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति और आत्मबल का संदेश भी देती है।
दुनिया में गूंजेगा भारत का संदेश
भारत सरकार अब आतंकवाद के खिलाफ अपने संदेश को विश्व पटल पर रखने के लिए सात सांसदों के प्रतिनिधिमंडल को विभिन्न देशों में भेजेगी। इन प्रतिनिधिमंडलों में रविशंकर प्रसाद, शशि थरूर, कनिमोई, सुप्रिया सुले, बैजयंत पांडा, श्रीकांत शिंदे, और संजय झा जैसे नेता शामिल हैं।
प्रत्येक प्रतिनिधिमंडल में सांसदों के अलावा एक पूर्व राजनयिक और एक संपर्क अधिकारी को शामिल किया जाएगा, जो पाकिस्तान के फर्जी दावों का पर्दाफाश करेंगे और भारत के वास्तविक तथ्यों को प्रस्तुत करेंगे।






