Patna: राजनीति के जूनियर मौसम वैज्ञानिक चिराग पासवान बिहार विधानसभा चुनाव से पहले नए पैंतरे खेल रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने की वो तैयारी कर रहे हैं. केंद्रीय मंत्री रहते विधानसभा चुनाव लड़ना बिना किसी बड़े मकसद के लोगों को पच नहीं रहा है.
एलजेपी (R) कर रही सर्वे
पिछले दिनों चिराग पासवान ने खुद कहा कि अगर पार्टी चाहेगी तो वह विधानसभा चुनाव लड़ेंगे. बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट को लेकर आगे जाएंगे. उन्होंने कहा कि मैं पार्टी का अध्यक्ष जरूर हूं. लेकिन पार्टी के नेताओं कार्यकर्ताओं अगर चाहेंगे तो चुनाव लड़ेंगे. इसके लिए सर्वे किया जा रहा है. सर्वे में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि अगर चुनाव लड़ते हैं तो पार्टी और एनडीए को कितना फायदा होगा. किस सीट से चिराग पासवान चुनाव लड़ेंगे तो क्या स्थिति रहेगी इस बात का सर्वे के माध्यम से पता लगाया जा रहा है.
बीजेपी करती रही है इस तरह के प्रयोग
चिराग पासवान का कहना है कि एनडीए की सहयोगी पार्टी बीजेपी इस तरह के कदम उठाती रही है. बीजेपी केंद्र के नेताओं को विधानसभा चुनाव लड़ाती रही है. कई राज्यों में बीजेपी यह प्रयोग कर चुकी है. ऐसे में एलजेपी भी ऐसा करे तो क्या गलत है. क्योंकि जब पार्टी के बड़े और केंद्रीय नेता चुनाव लड़ते हैं तो स्थिति कुछ और होती है, पार्टी के कार्यकर्ताओं में एक अलग उत्साह रहता है. इसका नतीजा पर भी असर होता है. इसलिए अगर पार्टी चाहेगी तो चिराग पासवान बिहार विधानसभा चुनाव लड़ेंगे.
50 सीटों के लिए ये सब चतुराई
अंदर की बात करें तो एलजेपी रामविलास चाहती है कि वो विधानसभा चुनाव 50 सीटों पर चुनाव लड़े. इसलिए एक रणनीति के तहत यह सब चीजें सामने आ रही है. पहले चुनाव लड़ने की बात फिर लालू परिवार की तारीफ ये सब उसी दबाव बनाने की राजनीति का हिस्सा है. क्योंकि बीजेपी और जेडीयू जैसी पार्टियों के सामने बार्गेनिंग टेबल पर बैठने से पहले यह सब एक्सरसाइज राजनीति में होता है.
सीएम-डिप्टी सीएम की वैकेंसी नहीं
बिहार में एनडीए या महागठबंधन में सीएम पद को लेकर वैकेंसी नहीं है. एनडीए में डिप्टी सीएम पद भी एलजेपी को मिले जाए यह आसान नहीं है. एनडीए में सीएम पद के लिए नीतीश कुमार फिक्स हैं. पिछले कुछ सालों से बीजेपी अपनी ही पार्टी से दो डिप्टी सीएम बनाती रही है, ऐसे में केंद्रीय मंत्री पद को छोड़कर विधानसभा चुनाव लड़ना चिराग पासवान के लिए आसान नहीं होगा.






