Patna: कभी नीतीश कुमार के बेहद करीबी रहे जेडीयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह ने प्रशांत किशोर के साथ हाथ मिला लिया है. आरसीपी सिंह ने अपनी पार्टी आसा (आप सब की आवाज) का प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज में विलय कर दिया है. रविवार को इसे लेकर औपचारिक रूप से घोषणा कर दी गई. रविवार को पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी गई.
2015 से हैं दोनों एक साथ
रविवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रशांत किशोर और आरसीपी सिंह के साथ कई बड़े नेता मौजूद रहे. इस दौरान पीके ने कहा कि जब लालू यादव और नीतीश कुमार 2015 में एक साथ आए थे, उससे पहले पहले प्रशांत किशोर और आरसीपी सिंह साथ आए थे. प्रशांत किशोर ने कहा कि रामचंद्र प्रसाद सिंह को जितना संगठन में काम करने का अनुभव है उतना किसी दूसरे नेता को नहीं है. सभी राजनीतिक दल का अपना अपना काम है.
क्राइम, करप्शन और कम्युनिज्म से परहेज
उन्होंने कहा कि बिहार के लोग चाहते हैं कि एक ऐसा पार्टी हो जिसमें क्राइम, करप्शन और कम्युनिज्म नहीं हो. लोगों के उसी उम्मीद और मकदस को पूरा करने के लिए जन सुराज पार्टी बिहार में आया है. पीके ने एक बार फिर कहा कि सीएम नीतीश कुमार मानसिक रूप से अब स्वस्थ नहीं है. वो खुद सरकार नहीं चला रहे हैं. कुछ अधिकारी और चार-पांच ठेकेदार टाइप के नेता बिहार में सरकार चला रहे हैं.
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अब होगा जनता का सुंदर राज
इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में आसीपी सिंह ने अपनी पार्टी आसा का प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज में विलय करने का ऐलान किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि आज रविवार है, आज ही के दिन उनकी पार्टी का जन सुराज में विलय हो रहा है. यह एक सुखद संयोग है. उन्होंने कहा कि हम और प्रशांत किशोर, एनडीए गठबंधन के लिए भी काम किया है. इंडिया गठबंधन के लिए भी काम किया है, लेकिन अब घर बनाने की तैयारी कर रहे हैं. जन सुराज का मतलब होता है जनता का सुंदर राज.
आईएएस अफसर रहे हैं आरसीपी सिंह
बता दें कि आरसीपी सिंह 2010 तक आईएएस अधिकारी के तौर पर सरकार के लिए काम कर रहे थे. इसके बाद नीतीश कुमार के साथ पार्टी ज्वाइन किया. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे और केंद्र की मोदी सरकार में मंत्री भी रहे.






