- संवाददाता- वीरेंद्र कुमार
Nalanda: नालंदा जिले की जिला परिषद अध्यक्ष तनुजा कुमारी प्रेस वार्ता के दौरान फफक-फफक कर रो पड़ीं. उन्होंने आरोप लगाया कि उनका वेतन और जिला परिषद की योजनाओं की राशि अफसरों द्वारा जानबूझकर रोक दी गई है.
तनुजा ने भावुक होकर कहा कि गैर-राजनीतिक पृष्ठभूमि से होने के कारण उनके साथ लगातार सौतेला व्यवहार किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि भुगतान नहीं मिलने से मजबूरी में घर के जेवर तक गिरवी रखने पड़े.
जिला अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष से जुड़े जिला परिषद सदस्यों का वेतन और योजनाओं की राशि समय पर जारी कर दी जाती है, जबकि उनकी योजनाओं को स्वीकृत होने में ही छह महीने लग जाते हैं और भुगतान भी छह महीने तक लटका रहता है. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसा भेदभाव सिर्फ उनके साथ क्यों हो रहा है.
तनुजा ने कहा कि अफसरशाही हावी है और जिला परिषद की योजनाएं पूरी तरह ठप हैं. जबकि विधायक, प्रमुख, मुखिया और पंचायत समिति द्वारा कराए गए कार्यों का भुगतान 7 से 10 दिनों में हो जाता है. उन्होंने तंज कसा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा में ही उनके निर्देशों का पालन नहीं हो रहा है.
मुख्यमंत्री के जिले से उठे इस मुद्दे ने सियासी हलचल तेज कर दी है. वहीं, उप विकास आयुक्त ने सफाई देते हुए कहा कि सिर्फ जांच के अधीन योजनाओं की राशि रोकी गई है. कई योजनाओं का भुगतान पहले ही किया जा चुका है.
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