- संवाददाता- विकास कुमार
Saharsa: मैथिल सभ्यता संस्कृति और भाषा के समृद्धि के लिए विभिन्न तरह के आयोजन किए जा रहे हैं. इसके माध्यम से इसका प्रचार प्रसार एवं इसकी उपयोगिता बढ़ाने का काम किया जा रहा है. इस मैथिली भाषा की समृद्धि के लिए सहरसा में भी सखी बहिनपा मिथिलानी समूह के द्वारा मधुश्रावणी मिलन समारोह का आयोजन जयप्रकाश उद्यान में धूमधाम से किया गया.
इस समारोह में नव विवाहिता के साथ अन्य महिलाएं शामिल हुई. जिसमें मिथिला में मैथिली भाषा और यहां की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम जिसमे पारंपरिक गीत के माध्यम से नई पीढ़ी को बताया गया कि हमारी मैथिली भाषा हमारे संस्कृति कितनी समृद्ध है. इसी उद्देश्य से सहरसा के जय प्रकाश उद्यान में मधुश्रावणी मिलन समारोह का आयोजन कर के नव विवाहितों को मिथिलांचल के महत्वपूर्ण पर्वों के संदर्भ में बताया गया.

इस पर्व का क्या महत्व है और इसके माध्यम से नव विवाहिता कोमल झा, रश्मि झा, सखी बहिनपा मिथिलानी समूह की संचालिका नमिता झा, अंजू झा और एनकी पाठक के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि मिथिला के सभी पर्व त्यौहार प्रकृति पर आधारित है. ऐसे में मधुश्रावणी पूजा पाठ में फल फूल पत्ते एवं प्रकृति के संरक्षक सर्प की पूजा कर नाग पंचमी के दिन दूध लावा भी चढाया जाता है.

उन्होंने कहा कि मिथिला के सभी पर्व वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समीचीन है. कार्यक्रम में नव विवाहिताओं को श्रृंगार का सामग्री देकर सम्मानित किया गया और इस पर्व की विशेषता के बारे में बताया गया. साथ ही मैथिली गीत गाकर अपनी मिथिला की परंपरा को जागृत करने का संदेश दिया. सही मायने में देखा जाय तो इस तरह के आयोजनों से ही मैथिली भाषा को समृद्ध करवाकर नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा सकता है.
इस अवसर पर सखी बहिनपा मिथिलानी समुह सहरसा ईकाई के संयोजिका नमिता झा, एडमिन अंजु झा, निधि झा, रुबी झा, प्रियंका झा, कुमारी किरण, लता झा, पुतुल चौधरी, किशोरी चौधरी, एंकी पाठक, किरण ठाकुर, रंजु झा, नुतन झा, किरण मिश्रा, रश्मि झा, रीना झा, साधना झा सहित अन्य मौजूद रहीं.
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