New Delhi: आगामी वस्तु एवं सेवा कर सुधारों के लिए नियुक्त मंत्रियों के समूह (GOM) ने दो जीएसटी स्लैब के प्रस्ताव का समर्थन किया है और 12% और 28% की कर दरों को समाप्त करने की सिफारिश की है. बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में छह सदस्यीय जीओएम ने 5, 12, 18 और 28% की मौजूदा चार दरों वाली संरचना को दो दरों से बदलने की योजना को स्वीकार कर लिया है. नई दर स्लैब 5 और 18% होगी.
जीएसटी पैनल ने दरों को युक्तिसंगत बनाने पर ज़ोर दिया है और मंत्री समूह जीएसटी परिषद को अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा. कर दरों में संभावित बदलावों पर चर्चा के लिए जीएसटी परिषद की 18-19 सितंबर, 2025 को बैठक होने की उम्मीद है.
बिहार के उपमुख्यमंत्री और GPM के संयोजक सम्राट चौधरी ने कहा कि सभी ने केंद्र द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों पर सुझाव दिए. कुछ राज्यों ने कुछ आपत्तियां दर्ज की. इसे जीएसटी परिषद को भेज दिया गया है. चौधरी जीएसटी परिषद द्वारा गठित क्षतिपूर्ति उपकर, स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा तथा दर युक्तिकरण पर मंत्री समूह के संयोजक हैं.
जीएसटी सुधारों पर प्रस्तावित मंत्री समूह पैनल: उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि केंद्र के प्रस्ताव में अति विलासिता और अहितकर वस्तुओं पर 40% कर लगाना भी शामिल है. पश्चिम बंगाल की वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि उनके राज्य ने 40% जीएसटी दर के ऊपर एक अतिरिक्त कर लगाने का प्रस्ताव रखा है ताकि अहितकर वस्तुओं जैसी अति विलासिता की वस्तुओं पर वर्तमान कर भार बना रहे. भट्टाचार्य ने कहा कि केंद्र के प्रस्ताव में नए जीएसटी स्लैब के लागू होने के बाद केंद्र और राज्यों को होने वाले राजस्व नुकसान का ज़िक्र नहीं है.
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 15 अगस्त को लाल किले से की गई घोषणा के अनुसार, 12% और 28% की कर दरों को समाप्त करने का कदम कर व्यवस्था को सरल बनाने और विवादों को कम करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है.
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