New Delhi: स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी ने जीएसटी रिफॉर्म का वादा किया है. उन्होंने कहा कि इस बार डबल दिवाली होगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने भाषण में देशवासियों को दिवाली का तोहफा देने का वादा किया है. लाल किले की प्राचीर से बोलते हुए उन्होंने कहा कि अगली पीढ़ी के वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) सुधार देश के लिए दिवाली का तोहफा होंगे.
उन्होंने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा, “इस दिवाली, मैं आपके लिए इसे दोहरी दिवाली बनाने जा रहा हूं. इस दिवाली पर नागरिकों को एक बड़ा तोहफा मिलेगा. हम अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार ला रहे हैं. इससे देश भर में कर का बोझ कम होगा. यह दिवाली से पहले एक तोहफा होगा.”
पीएम मोदी ने कहा कि सरकार ने आठ साल पहले बड़े सुधार किए थे, उन्होंने जीएसटी व्यवस्था का जिक्र किया जिसमें कई करों और स्थानीय शुल्कों को समाहित किया गया था. उन्होंने कहा कि सरकार ने देश भर में कर का बोझ कम किया और कर प्रक्रिया को सरल बनाया.
जीएसटी 1 जुलाई, 2017 को लागू हुआ था. उन्होंने कहा कि अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था के आठ साल पूरे होने के बाद, इन बदलावों की समीक्षा का समय आ गया है. समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया और राज्यों से भी परामर्श किया गया, जिसके बाद सरकार ने नए जीएसटी सुधारों की तैयारी शुरू कर दी है.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “इससे आम आदमी के लिए वस्तुओं पर लगने वाले करों में काफी कमी आएगी. हमारे एमएसएमई को बड़ा फायदा होगा. दैनिक उपयोग की वस्तुएं सस्ती हो जाएंगी, जिससे हमारी अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी.”
प्रधानमंत्री ने तत्काल डिजिटल भुगतान के लिए देश में इस्तेमाल किए जा रहे यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) प्लेटफार्म की भी सराहना की. उन्होंने कहा, “आज दुनिया यूपीआई प्लेटफॉर्म को एक आश्चर्य के रूप में देख रही है. आज हम अकेले भारत में ही 50% वास्तविक समय के लेन-देन यूपीआई के माध्यम से कर पा रहे हैं. चाहे वह रचनात्मक दुनिया हो या सोशल मीडिया, मैं युवाओं को चुनौती देता हूं कि वे पूछें कि सब कुछ हमारा क्यों नहीं होना चाहिए? हमें दूसरों पर निर्भर क्यों रहना चाहिए? हमारी संपत्ति देश से बाहर क्यों जानी चाहिए? मुझे आपकी क्षमताओं पर विश्वास है.”
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