- रिपोर्ट- विकास कुमार
Saharsa: शहर के नागरिक विगत कई वर्षों से बंगाली बाजार रेल ओवरब्रिज की प्रतीक्षा कर रहे हैं. लेकिन यह सपना अब तक पूरा नहीं हो पाया है. रेलवे लाइन के दोनों ओर बसे इस शहर में जाम की समस्या अब विकराल रूप ले चुकी है. खासकर सहरसा रेलवे स्टेशन के पश्चिमी और पूर्वी हिस्से के बीच यातायात व्यवस्था बुरी तरह चरमराई हुई है.
कई बार हुआ शिलान्यास
स्कूल, कॉलेज, कार्यालय जाने वाले लोग, एंबुलेंस सेवा और आमजन रोजाना घंटों तक जाम में फंसे रहते हैं. शहरवासियों की इस गंभीर समस्या को देखते हुए पिछले कई वर्षों में विभिन्न सरकारों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा सहरसा में रेल ओवरब्रिज निर्माण की घोषणा की गई. दिलचस्प बात यह है कि इस ओवरब्रिज का शिलान्यास भी कई बार किया गया. हर बार शिलान्यास कार्यक्रम को लेकर बड़े-बड़े दावे किए गए, लेकिन कार्य की शुरुआत आज तक धरातल पर नहीं हो सकी. जनप्रतिनिधियों द्वारा उद्घाटन और शिलापट्ट लगाने तक सीमित रह जाने के कारण लोगों में निराशा व्याप्त है.

काम में ये बन रहे हैं रोड़ा
बताया जाता है कि शहर में प्रस्तावित ओवरब्रिज के निर्माण को लेकर कई तकनीकी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई थीं. भूमि अधिग्रहण से लेकर बजट की स्वीकृति तक कई पहलुओं पर कार्य हुआ, लेकिन अंतिम क्रियान्वयन में प्रशासनिक सुस्ती और राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है. वर्तमान में सहरसा शहर की ट्रैफिक स्थिति बेहद चिंताजनक हो चली है. रेलवे क्रॉसिंग पर गेट बंद होते ही दोनों ओर लंबी कतारें लग जाती हैं.

धैर्य दे रहा है जवाब
ट्रैफिक की अव्यवस्था के कारण छोटे-छोटे हादसे अब आम हो चुके हैं. लोगों का धैर्य जवाब देने लगा है. स्थानीय लोगों एवं सामाजिक संगठनों की मांग है कि ओवरब्रिज निर्माण को लेकर सरकार जल्द निर्णायक पहल करे. कई वर्षों से शिलान्यास की राजनीति देखने वाले नागरिक अब ठोस निर्माण कार्य की अपेक्षा कर रहे हैं. जनप्रतिनिधियों को चाहिए कि वे इस लंबे समय से लंबित योजना पर ध्यान दें और इसे शीघ्रता से पूरा कराएं, ताकि सहरसा शहर को जाम से मुक्ति मिल सके और एक सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित हो सके.
ये भी पढ़ें-
सहरसा में जर्जर सड़क और जलजमाव के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूटा, किया सड़क जाम
हल्की बारिश ने सहरसा नगर निगम की पोल खोल दी, नगर निगम नदी में हुआ तब्दील






