- संवाददाता- फिरोज अहमद
Darbhanga: दरभंगा इंडियन एकेडमी ऑफ पेडियाट्रिक्स के अध्यक्ष डॉ केएन मिश्रा, दरभंगा एनएनएफ के प्रेसिडेंट डॉक्टर मणिशंकर और शिशु रोग के विभागाध्यक्ष डॉ अशोक कुमार के नेतृत्व में शिशु विभाग के इनडोर और आउटडोर में ओआरएस सप्ताह के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया.
ज्ञातव्य हो कि दस्त से पीड़ित बच्चों में डिहाइड्रेशन की रोकथाम और उपचार में ओआरएस के महत्व के बारे में विश्व भर में जागरूकता बढ़ाने हेतु 29 जुलाई को ओआरएस डे घोषित किया गया है. जन जन तक इसका महत्व समझाने के लिए पूरे देश में 27 जुलाई से 2 अगस्त तक ओआरएस सप्ताह मनाया जायेगा. वर्ष 2025 में विश्व ओआरएस दिवस का विषय ” ओआरएस- स्वस्थ भविष्य के लिए एक सरल समाधान” है. इस दिवस का नारा है “स्मार्ट सिप, स्टे स्ट्रांग – ओआरएस को हां कहें”.
ओआरएस सप्ताह के पूर्व दिवस के अवसर पर शिशु विभाग से एक मार्च निकाला गया जो मेडिकल कॉलेज की सड़कों से घूमता हुआ आउटडोर में जाकर समाप्त हुआ. आईएपी के सदस्यों ने आउटडोर में आए मरीजों के अभिभावकों से ओआरएस के महत्व की चर्चा की और उन्हें ओआरएस का पैकेट बाटा. डॉ कुमार आनंद और डॉ पल्लवी झा ने सही ढंग से ओआरएस घोल बनाना सिखाया.
उन्होंने बताया कि पूरे एक पैकेट को एक लीटर पीने योग्य पानी में एक ही बार में घोला जाता है. इसे घूंट घूंट कर बच्चे को पिलाना है. 24 घंटे के बाद जो घोल बच जाता है उसे फेंक देना है. बच्चे को ओआरएस के साथ पीने वाली अन्य चीजों को भी पिलाते रहना है. डॉक्टर रिजवान हैदर ने कहा कि हर दस्त में बच्चा तीन महीने पीछे हो जाता है. हम सफाई रखकर दस्त रोक सकते हैं.
डॉक्टर अमित कुमार ने कहा कि हाथ को सही ढंग से मांजने से दस्त को काफी हद तक रोका जा सकता है. डॉक्टर केके झा ने कहा कि अगर नियमित टीकाकरण के दौरान बच्चे को रोटावायरस टीकाकरण दिया जाता है तो सांघातिक दस्त नहीं होगा. डॉक्टर ओम प्रकाश का कहना था कि अगर दस्त हो तो बच्चे का खानपान जारी रखना है और दस्त ठीक होने के बाद उसे ज्यादा पौष्टिक आहार देना है. सभी चिकित्सकों का कहना था अगर हम ठान लें तो ओआरएस और जिंक की मदद से दस्त से मृत्यु को न्यूनतम स्तर तक ला सकते हैं.
आज के कार्यक्रम में भाग लेने वालों में प्रमुख डॉक्टर सुभाष चंद्र यादव, डॉक्टर रिजवान हैदर, डॉक्टर अमित कुमार, डॉ पल्लवी झा, डॉक्टर के के झा, डॉ ओम प्रकाश, डॉक्टर कुमार आनंद इत्यादि थे. बड़ी संख्या में पीजी और यूजी छात्र ने रैली में भाग लिया. जागरूकता का कार्यक्रम पूरे सप्ताह शहर के विभिन्न स्थानों पर आईएपी के सदस्यों द्वारा जारी रहेगा.
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