Prayagraj: शाही ईदगाह पर इलाहाबाद हाई कोर्ट का बड़ा फैसला आया है. हिंदू पक्ष को हाई कोर्ट से झटका लगा है. मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर उनकी अर्जी को हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया है. मस्जिद को विवादित ढांचा घोषित करने से कोर्ट ने इनकार कर दिया है. याचिका में विवादित ढांचा घोषित करने की मांग की गई थी. हिंदू पक्ष की 18 याचिकाओं पर सुनवाई जारी है. जस्टिस राम मनोहर नारायण मिश्रा की सिंगल बेंच में सुनवाई चल रही है.
हिंदू पक्ष की दलील
हिंदू पक्ष के वकील ने कोर्ट से कहा कि वहां पर पहले मंदिर था. वहां पर मस्जिद होने का कोई साक्ष्य आज तक शाही ईदगाह मस्जिद पक्ष ने पेश नहीं किया है. ऐसे में इसे मस्जिद क्यों कहा जाए, विवादित ढांचा घोषित किया जाए. जैसे कोर्ट ने अयोध्या मामले में अपना निर्णय देने पहले बाबरी मस्जिद को विवादित ढांचा घोषित किया था, उसी तरह शाही ईदगाह मस्जिद को भी विवादित ढांचा घोषित करना चाहिए.
कोर्ट ने याचिका खारिज की
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा कि मौजूदा तथ्यों और याचिका के आधार पर ईदगाह को फिलहाल विवादित ढांचा घोषित नहीं किया जा सकता है. हिंदू पक्ष की ओर से महेंद्र प्रताप सिंह ने 5 मार्च 2025 को मथुरा के शाही ईदगाह को विवादित ढांचा घोषित करने की मांग को लेकर याचिका दायर की थी. सुनवाई के बाद 23 मई को अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था. जिस पर शुक्रवार को फैसला सुनाया गया है.
क्या है विवाद
बता दें कि पूरा विवाद मथुरा के कटरा केशव क्षेत्र की 13.37 एकड़ जमीन पर है. इसमें मंदिर और मस्जिद दोनों है. 11 एकड़ जमीन पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि है, जबकि बाकी जमीन पर ईदगाह होने का दावा किया जा रहा है. दावा किया जाता है कि 1670 में औरंगजेब ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान को तोड़कर शाही ईदगाह बनाया था.
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