बाबा रामदेव को दिल्ली हाई कोर्ट बड़ा झटका, पतंजलि च्यवनप्राश के विज्ञापन पर रोक

By: Hemlata Karn

On: Thursday, July 3, 2025 1:43 PM

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New Delhi: बाबा रामदेव को दिल्ली हाई कोर्ट बड़ा झटका लगा है. गुरुवार को दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने पतंजलि आयुर्वेद (Patanjali Ayurveda) को डाबर के च्यवनप्राश उत्पादों के खिलाफ टीवी पर कोई भी विज्ञापन दिखाने पर रोक लगा दी है. बाबा रामदेव (Baba Ramdev) की पतंजलि अब डाबर के च्यवनप्राश को बुरा बताने वाले विज्ञापन को टीवी पर नहीं दिखा सकेगा. दिल्ली हाई कोर्ट ने डाबर इंडिया (Dabur India) की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया है. अब इस मामले की अगली सुनवाई 14 जुलाई को होगी.

डाबर च्यवनप्राश को बदनाम करने का आरोप

दिल्ली हाई कोर्ट में डाबर इंडिया लिमिटेड और पतंजलि आयुर्वेद के बीच च्यवनप्राश के विज्ञापन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है. डाबर का आरोप है कि पतंजलि अपने विज्ञापनों के माध्यम से डाबर के च्यवनप्राश (Dabur Chyawanprash) को जानबूझकर साधारण और कमजोर बताकर बदनाम कर रहा है, जिससे उपभोक्ता में भ्रम पैदा हो रहा है और डाबर की साख को नुकसान पहुंच रहा है. डाबर ने पतंजलि के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में 2017 याचिका दायर की थी.

पतंजलि आयुर्वेद का दावा गलत

पतंजलि ने अपने विज्ञापन में दावा किया है कि आयुर्वेद और शास्त्र ग्रंथों के मुताबिक सिर्फ पतंजलि ही च्यवनप्राश बनाता है. पतंजलि के इस विज्ञापन को रोकने के लिए डाबर ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. डाबर ने अपनी याचिका में भ्रामक और अपमानजन विज्ञापन करने के लिए पतंजलि पर दो करोड़ रुपए हर्जाना लगाने की गुहार लगी है. डाबर का कहना है कि इससे डाबर की साख और जनता के डाबर के प्रति विश्वास को बट्टा लगा है.

पतंजलि के विज्ञापन पर फौरन रोक

दिल्ली हाई कोर्ट ने डाबर की बात मानते हुए पतंजलि को फौरन विज्ञापन दिखाने से रोक दिया है. इस मामले में 24 दिसंबर से सुनवाई शुरू हुई थी. तब कोर्ट ने पतंजलि आयुर्वेद को नोटिस भेजा था. डाबर ने कोर्ट से अंतरिम राहत की मांग की थी.  

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