Patna: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना में मदरसा शिक्षा बोर्ड के एक समारोह में उन्हें दी गई टोपी पहनने से इनकार करके राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया. नीतीश कुमार ने अपने मंत्री जमा खान को टोपी पहना दी, जो पहले से ही नीतीश कुमार को टोपी पहनाना चाहते थे.
कुमार और अन्य गणमान्य व्यक्ति गुरुवार को पटना में राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड के 100 साल पूरे होने के समारोह में शामिल हुए थे, जब जमा खान ने मुख्यमंत्री को टोपी पहनाने की कोशिश की. वीडियो में दिख रहा है कि नीतीश ने मना कर दिया और उसे वापस जमा खान के सिर पर पहना दिया. जदयू नेता खान बिहार के अल्पसंख्यक मंत्री हैं.
राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि ऐसा व्यवहार अनुचित है. यह घटना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह बिहार विधानसभा चुनावों से ठीक पहले हुई है. ‘टोपी’ मुसलमानों से जुड़ी है, जो राज्य में 18 प्रतिशत वोटों वाला समुदाय है.
इससे पहले, मदरसा शिक्षकों के एक समूह ने कार्यक्रम स्थल पर विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें पिछले कुछ समय से वेतन नहीं दिया गया है. नीतीश पहले भी मुस्लिम समारोहों में टोपी पहने देखे गए हैं. लेकिन हाल ही में वह इसे पहनने से बच रहे हैं.
मार्च में पटना स्थित अपने आधिकारिक आवास पर आयोजित इफ्तार पार्टी के दौरान, नीतीश उस पारंपरिक टोपी के बिना देखे गए थे जो वह आमतौर पर ऐसे आयोजनों में पहने नजर आते हैं. इसके बजाय, कुमार अपने कंधों पर दुपट्टा या काफिया बांधे हुए दिखाई दिए.
कार्यक्रम के दौरान नीतीश कुमार ने कहा कि हमने शुरू से ही सभी तबकों के हित में काम किया है. वर्ष 2005 से जब राज्य की जनता ने नेतृत्व का अवसर दिया तो नई सरकार के गठन के बाद से मुस्लिम समुदाय के कल्याण हेतु विभिन्न योजनाएं संचालित की गईं. अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का बजट 2004-05 में मात्र 3 करोड़ 54 लाख रु॰ था जो अब बढ़कर 1080 करोड़ रु॰ हो गया है.
उन्होंने कहा कि कब्रिस्तानों की घेराबंदी शुरू की गई. वर्ष 2006 से मदरसों का निबंधन किया गया तथा उन्हें सरकारी मान्यता दी गई. मदरसों के शिक्षकों को सरकारी शिक्षकों के बराबर वेतन दिया गया. मुस्लिम परित्यक्ता/ तलाकशुदा महिलाओं के लिए सहायता राशि देने का प्रावधान किया गया है. अल्पसंख्यक वर्ग के छात्र एवं छात्राओं की पढ़ाई में मदद की जाती है. साथ ही मुस्लिम वर्ग के युवक-युवतियों को रोजगार शुरू करने के लिए मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक उद्यमी योजना संचालित की जा रही है. हमारा सिद्धांत है ‘सभी वर्गों का उत्थान एवं सभी क्षेत्रों का विकास’.
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