Saharsa: नगर निगम चुनाव के दो वर्ष पूरा होने पर वैश्य समाज के जिलाध्यक्ष और पूर्व मेयर उम्मीदवार रामकृष्ण साह उर्फ मोहन साह ने बयान जारी कर कहा कि विगत दो वर्षों में नगर निगम की जनता को मेयर के द्वारा धोखा मिला है. विकास के वादा पर चुनाव जीत कर आने वाली मेयर ने जनता के साथ वादाखिलाफ़ी करने का काम किया है.
जिसका डर था वही हो रहा
उन्होंने कहा कि वादाखिलाफी का आलम मोहल्लों, गलियों और चौकों की सच्चाई चीख चीख कर बता रही है. हमने निगम चुनाव के दौरान मतदाताओं को आगाह करते हुए पहले ही कहा था “मतदान सोच-समझकर करें, वरना सालों तक पछताना पड़ेगा और आज दुर्भाग्य से वही हो रहा है.
नालियों के गंदे पानी में जीने को मजबूर
भावना, जाति-धर्म, और प्रचार के प्रभाव में आकर जो वोट डाले गए, उनका परिणाम आज सहरसा की गलियों में फैली गंदगी, न उठता कचरा और सालभर बना रहने वाला जलजमाव बनकर हमारे सामने है. बरसात के समय में पानी भरना पहले की समस्या थी, अब तो सालभर लोग नालियों के गंदे पानी में जीने को मजबूर हैं.
नेतृत्व बदलने की अपील
एलईडी, डस्टबिन, स्ट्रीट लाइट, व अन्य मुद्दों पर भ्रष्टाचार की बात अखबार की सुर्खियां बन रही हैं. इन दो सालों में नगर निगम ने जनता को कचरे और बदबू का तोहफा दिया है. पूर्व मेयर उम्मीदवार ने कहा कि जिस मेयर को अपने पदाधिकारी और कर्मियों से दो साल में संवाद कायम करना नहीं आया. वह नगर का विकास क्या करेगी? अब समय है जागरूक होने का, भावना नहीं, सच्चाई और ज़िम्मेदारी के आधार पर नेतृत्व चुनने का फैसला व अधिकार जनता के हाथ निहित है.






