- रिपोर्ट- मानस मिहिर
Madhubani: मिथिला क्षेत्र के लोगों के लिए केंद्र सरकार की तरफ से बड़ी सौगात दी गई है. केंद्र सरकार ने सीतामढ़ी-जयनगर-निर्मली रेल लाइन के निर्माण की मंजूरी दे दी है. यह तकरीबन 190 किलोमीटर लंबा रेलखंड होगा, जिसमें 25 रेलवे स्टेशन होंगे, जिसमें से चार मौजूद रेलवे स्टेशन हैं और 21 नए रेलवे स्टेशन बनाए जाएंगे. इससे मिथिला के क्षेत्र में आर्थिक प्रगति और आवागमन की सुविधा भी बढ़ेगी, साथ ही नेपाल से संपर्क भी और मजबूत होगा.
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सीतामढ़ी-जयनगर-निर्मली रेल लाइन परियोजना को मंजूरी दे दी है. यह मिथिला के लिए एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना है. जिसकी लागत 2400 करोड़ रुपए हैं. इस परियोजना से मिथिला क्षेत्र के विकास को बढ़ावा मिलने और नेपाल के साथ संबंधों को और मजबूती मिलेगी. 21 नई रेलवे स्टेशन बनाए जाएंगे इसमें प्रमुख स्टेशन हैं, सोनबरसा, सुरसंड, उमगांव, लालमणि और लौकही.
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इस परियोजना से सीतामढ़ी, मधुबनी और सुपौल जिले के अर्थव्यवस्था को काफी मजबूती मिलेगी. यह रेल लाइन चार लोकसभा क्षेत्र को जोड़ेगा. जिसमें सीतामढ़ी, मधुबनी, झंझारपुर और सुपौल शामिल है. इन क्षेत्रों में परिवहन की सुविधा अधिक हो जाएगी. आवागमन में लोगों को सुविधा होगी. साथ ही भारत नेपाल सीमा और सुरसंड क्षेत्र से होकर गुजरने वाली इस रेल लाइन से व्यापार यानी की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी, उद्योगों को अभूतपूर्व प्रोत्साहन भी मिलेगा.
इस फैसले के बाद जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने रेल मंत्री और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया है साथ ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का भी आभार व्यक्त किया है. उन्होंने इस परियोजनाओं को डबल इंजन सरकार के कामकाज का एक बड़ा उदाहरण बताया है. कहा कि यह रेल परियोजना भारत और नेपाल के बीच गहरे बेटी रोटी के संबंधों को और मजबूत करेगी.
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