- रिपोर्ट- विकास कुमार
Saharsa: नगर निगम बनने के बावजूद शहर की सफाई व्यवस्था बदहाल है. लाखों रुपये प्रतिमाह खर्च किए जाने के बावजूद सहरसा नगर निगम की अकर्मण्यता का जीता-जागता उदाहरण बनगांव रोड स्थित रूपवती स्कूल गेट, धर्मशाला रोड, शंकर चौक, डीबी रोड, थाना चौक के पास देखा जा सकता है, जहां सड़क पर कूड़े का अंबार जमा है. दोपहर 12 बजे तक भी कूड़ा नहीं उठाया गया था.
सड़क के बीचो बीच कचरे का ढेर
रूपवती गेट से करीब 40 फीट पश्चिम तक मुख्य सड़क के बीचो-बीच कचरे का ढेर लगा हुआ है. यह मार्ग शहर के अति व्यस्ततम सड़कों में से एक है, जहां पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है. लोग नाक पर रुमाल रखकर इस सड़क को पार कर रहे हैं. स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि आसपास के दुकानदार भी दुर्गंध के कारण दुकान पर बैठ नहीं पा रहे हैं.

नाक पर रुमाल रखकर गुजरते हैं लोग
स्थानीय लोगों ने बताया कि अब तो हद हो गई है—घर-घर से गीला और सूखा कूड़ा भी यहीं लाकर फेंका जा रहा है. यही नहीं, रूपवती बालिका उच्च विद्यालय की छात्राओं ने बताया कि स्कूल गेट के पास ही मूत्रालय और कूड़ा रखने का स्थान बना दिया गया है, जिससे उन्हें नाक पर रुमाल रखकर स्कूल आना-जाना पड़ता है.

स्कूल छात्राएं परेशान
विद्यालय में पढ़ने वाली लगभग 800 छात्राएं रोज़ाना इस बदबू और गंदगी से होकर गुजरती हैं. छात्राओं और अभिभावकों ने इस बात की आशंका जताई है कि गंदगी के कारण संक्रामक रोग फैल सकते हैं. स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि अविलंब इस स्थल से कूड़ा हटाया जाए और कूड़ा डंपिंग के लिए कोई वैकल्पिक स्थान निर्धारित किया जाए, ताकि आमजन राहत की सांस ले सकें. साथ ही स्कूल परिसर के सामने से मूत्रालय एवं कचरा स्थल को हटाया जाए, जिससे छात्राओं को असुविधा ना हो. नगर निगम के जिम्मेदार पदाधिकारियों से लोगों ने इस मामले में तत्काली संज्ञान लेने की अपील की है.
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