दलितों, पिछड़ों को अधिकार के बदले मिलता है आश्वासन, चुनाव में एकजुट होने का संदेश, कार्यक्रम में शामिल हुए कर्नाटक के पूर्व डीजीपी

By: Hemlata Karn

On: Monday, June 16, 2025 11:15 AM

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  • रिपोर्ट- विकास कुमार

Saharsa: सहरसा के कहरा प्रखंड क्षेत्र के सोनबरसा कचहरी के दुर्गा मंदिर प्रांगण में चिंतन संवाद का कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में बीजेपी के पूर्व जिला अध्यक्ष नीरज गुप्ता, कर्नाटक के पूर्व डीजीपी बीके रवि सहित सैकड़ों की संख्यां में लोगों की भीड़ जुटी.

किसा जाति की नहीं होती विधानसभा सीट

संवाद कार्यक्रम के दौरान पिछड़े, अति पिछड़े एवं दलित के राजनीतिक अधिकार पर चर्चा की गई. इस दौरान मंच का संचालन कर रहे नीरज गुप्ता ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि पिछड़ा, अति पिछड़ा, दलित समाज को अपने राजनीतिक अधिकारों के लिए लड़ना होगा. उन्होंने कहा कि कोई भी समाज या कोई भी जाति यह नहीं कर सकती है कि एक विधानसभा किसी एक जाति का है, लेकिन आपके और हमारे अधिकारों को नहीं पहचानने के कारण कुछ लोग हमारे समाज तथा राजनीतिक दलों को गुमराह करके हमें हमारे अधिकारों से वंचित करने का काम विगत कई वर्षों से करती आ रही है.

जागरूकता के कारण अधिकार से वंचित

उन्होंने कहा कि एक विधान सभा क्षेत्र को किसी एक जाति का बंधुआ मजदूर बनाने का षड्यंत्र करने में सफल हो जाते हैं, एक जाति विशेष की विधानसभा सीट बतलाकर राजनैतिक पार्टी को भी डराने का काम विगत कई वर्षों से किया जा रहा है, पिछड़ों, अति पिछड़ों और दलितों की आबादी होते हुए भी हमें हमारे अधिकारों से वंचित कर दिया जाता है, इसका एकमात्र कारण है कि हम जागरूक नहीं हैं, हमें इस बार सजग होकर अपने अधिकारों को पहचानना है और अपने राजनीतिक अधिकारों की लड़ाई लड़नी होगी.

अधिकार के बदले मिलता है आश्वासन

उन्होंने कहा कि जब भी हम अपने अधिकार की बात करने लगते हैं तो हमें केवल आश्वासन देकर ठगने का काम किया जाता है, आपको जानकर आश्चर्य होगा कि जब भी संगठन में भी हमारा समाज अपने अधिकारों को मांगते हैं तो वहां भी शोषण ही होता है. उसके बदले ऐसे ऐसे चाटुकारों को पदों पर बिठाया जो इस समाज का केवल वोट लेकर शोषण करते आ रहे हैं, वैसे लोगों को मौका दिया जाता रहा है जिसने कभी भी पिछड़ा, अति पिछड़ा और दलित समाज की परवाह नहीं की, न कभी इनके दुःख दर्द में साथ दिया, ऐसे ही लोगों को हमेशा आयोग से लेकर बोर्ड, विधायक, विधान पार्षद, मंत्री बनाकर इस समाज का शोषण होता आ रहा है. 

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