- रिपोर्ट- फिरोज अहमद
Darbhanga: भाकपा (माले) का कहना है कि SIR के कारण बीएलओ से लेकर आम जनता तक हलकान है. माले BLO के मानवीय अधिकार के लिए लड़ाई लड़ेगा. भाकपा (माले) दरभंगा जिला कमिटी की बैठक जिला कार्यालय पंडासराय में जिला सचिव बैद्यनाथ यादव की अध्यक्षता में हुई. बैठक को संबोधित करते हुए भाकपा (माले) जिला सचिव बैद्यनाथ यादव ने कहा कि बिहार में लागू की जा रही SIR प्रक्रिया ने पूरी चुनावी व्यवस्था को अव्यवस्था और तनाव में डाल दिया है.
उन्होंने कहा कि आनन-फानन और बिना पर्याप्त तैयारी के चल रही इस प्रक्रिया ने आम जनता के साथ-साथ बीएलओ कर्मियों को भी जबरदस्त संकट में झोंक दिया है. कई बीएलओ से लगातार 12-12 घंटे काम कराया जा रहा है, उन पर टारगेट पूरा करने का भारी दबाव बनाया जा रहा है.
इस दबाव का गंभीर नतीजा सामने आया है. एक जगह एक बीएलओ की मौत हो गई, तो वहीं बारसोई के बीडीओ द्वारा इस्तीफा देने की सूचना भी मिली है. यह स्थिति दर्शाती है कि चुनाव आयोग और प्रशासन ने इस प्रक्रिया को लागू करते समय जमीनी हकीकत और मानवीय पक्ष की पूरी तरह अनदेखी की है.

लेकिन इस संवेदनहीनता की इंतिहा यह है कि जो बीएलओ अपनी समस्याएं और कठिनाइयां सामने रख रहे हैं, उन्हें ही अब टारगेट किया जा रहा है. ताजा मामला बेगूसराय जिले का है, जहां एक बीएलओ पर यह आरोप लगाया गया कि उन्होंने मीडिया से ‘भ्रामक सूचना’ साझा की. भाकपा-माले स्पष्ट करना चाहती है कि भ्रामक सूचनाएं खुद आयोग फैला रहा है और बीएलओ उस गड़बड़ी के बीच पिस रहे हैं.
गणना प्रपत्रों को लेकर भारी भ्रम की स्थिति है. आयोग कह रहा है कि प्रत्येक मतदाता के लिए दो प्रपत्र जारी किए जा रहे हैं. एक बीएलओ द्वारा संग्रह हेतु और दूसरा रिसीविंग के तौर पर मतदाता को लौटाया जाएगा. लेकिन जमीनी सच्चाई यह है कि बीएलओ को केवल एक प्रपत्र दिया जा रहा है, जिसे लेकर मतदाता बीएलओ से रिसीविंग की मांग कर रहे हैं. अब सवाल उठता है कि जब बीएलओ के पास दूसरा प्रपत्र ही नहीं है, तो वे कहां से दें?
इतना ही नहीं, कई स्थानों से यह शिकायतें सामने आई हैं कि बिना मतदाता की जानकारी और सहमति के ही फॉर्म भर दिए जा रहे हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता और वैधता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.
भाकपा-माले बेगूसराय के बीएलओ पर की गई कार्रवाई की कड़ी निंदा करती है और मांग करती है कि तत्काल उस पर की गई कार्रवाई को वापस लिया जाए. हम चुनाव आयोग को चेतावनी देते हैं कि वह अपने इस मनमानी और दमनकारी रवैये को बंद करे. लोकतांत्रिक प्रक्रिया को इस तरह जबरदस्ती और डर के माहौल में नहीं चलाया जा सकता. जनता, बीएलओ और लोकतंत्र के अधिकारों पर हो रहे इस हमले के खिलाफ भाकपा-माले हर स्तर पर संघर्ष करेगी.
बैठक में अभिषेक कुमार, वरिष्ठ नेता आर के सहनी, नंदलाल ठाकुर, सत्यनारायण पासवान पप्पू, विनोद सिंह, साधना शर्मा,धर्मेश यादव, रंजन प्रसाद सिंह, नंदन सिंह,अवधेश सिंह, कामेश्वर पासवान, राजेंद्र दास, संजीव ठाकुर, गंगा मंडल, पप्पू पासवान, प्रवीण यादव, शिवन यादव, उमेश साह, बैद्यनाथ यादव, मोहम्मद जमालुद्दीन, केशरी यादव सहित कई लोग शामिल थे.
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