FIR के जवाब में कांग्रेस का हुंकार – “हम केस से नहीं डरते, डटकर मुकाबला करेंगे”
मुख्य बिंदु:
- राहुल गांधी के खिलाफ दरभंगा में दो FIR दर्ज
- NSUI नेता शादाब अख्तर ने सरकार को बताया “दमनकारी”
- कहा – “हम डरने वाले नहीं, राहुल गांधी बब्बर शेर हैं”
- राहुल बोले – “मेरे लिए ये केस मेडल हैं”
दरभंगा में बिना अनुमति कार्यक्रम, राहुल गांधी पर FIR
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का बिहार दौरा अब राजनीतिक हंगामे का कारण बन गया है। गुरुवार को दरभंगा में अंबेडकर हॉस्टल में छात्रों से संवाद और पटना में ‘फुले’ फिल्म देखने के बाद प्रशासन ने राहुल गांधी समेत कांग्रेस के 18 नेताओं और 100 अज्ञात लोगों पर दो अलग-अलग FIR दर्ज कर दी है।
विवाद की जड़ – कांग्रेस नेताओं ने जिन स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किया, वहां प्रशासन से अनुमति नहीं ली गई थी। वहीं उस स्थान पर धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा भी लागू थी।
🗣️ शादाब अख्तर का तीखा हमला – “सरकार को राहुल गांधी से डर लग रहा है”
कार्यक्रम के संयोजक और NSUI के राष्ट्रीय सचिव शादाब अख्तर ने बिहार सरकार और प्रशासन पर सीधा हमला बोलते हुए कहा:
“जिस तरह एफआईआर दर्ज की गई है, वो इस बात का सबूत है कि सत्ता पक्ष राहुल गांधी से डरा हुआ है।”
उन्होंने कहा कि दलित छात्रों से संवाद को रोकने के लिए जिस बर्बरता का प्रयोग हुआ, वह छात्र-विरोधी और दलित-विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।
“हम डरने वाले नहीं हैं। ये सरकार चाहे जितने मुकदमे कर ले, कांग्रेस कार्यकर्ता डटकर मुकाबला करेंगे।”
“बब्बर शेर हैं राहुल गांधी” – एनएसयूआई की हुंकार
शादाब अख्तर ने राहुल गांधी को “बब्बर शेर” बताते हुए कहा कि वे झूठे मुकदमों और धमकियों से नहीं डरते। उन्होंने FIR को शर्मनाक और तानाशाही सोच का प्रतीक बताया।
“हम मांग करते हैं कि यह झूठा केस तुरंत वापस लिया जाए और दलित छात्रों की समस्याओं का समाधान किया जाए। हम जनता से अपील करते हैं कि इस दमनकारी सरकार के खिलाफ आवाज उठाएं।”
राहुल गांधी का बयान – “मेरे लिए केस मेडल हैं”
जब पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों ने राहुल गांधी से FIR को लेकर सवाल पूछा, तो उन्होंने बड़ी सहजता से जवाब दिया:
“मुझ पर पहले से 30 से ज्यादा केस दर्ज हैं। जितने भी केस लगाए हैं, वो मेरे लिए मेडल की तरह हैं।”
राहुल गांधी ने यह भी स्पष्ट किया कि वे कानून के डर से नहीं रुकते और जनता की आवाज उठाने से पीछे नहीं हटेंगे।
क्या है पूरा मामला?
- दरभंगा नगर भवन में राहुल गांधी के कार्यक्रम की अनुमति थी
- कांग्रेस नेताओं ने नगर भवन की बजाय अंबेडकर हॉस्टल परिसर में सभा की
- जहां धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू थी
- इसी आधार पर FIR दर्ज की गई है
- जिला कल्याण पदाधिकारी और छात्रावास मजिस्ट्रेट ने आवेदन दिया था
NSUI की मांग:
- झूठे मुकदमे को तत्काल रद्द किया जाए
- दलित छात्रों की समस्याओं पर कार्रवाई हो
- शांतिपूर्ण राजनीतिक गतिविधियों को अपराध की तरह पेश न किया जाए
यह लड़ाई अब सिर्फ FIR की नहीं, विचार और अधिकार की है
बिहार में कांग्रेस और NSUI ने साफ संकेत दे दिया है कि FIR और दमन के जरिए विपक्ष को चुप नहीं कराया जा सकता। यह टकराव अब राजनीतिक स्वतंत्रता बनाम प्रशासनिक दमन की शक्ल लेता जा रहा है।
राहुल गांधी और उनके कार्यकर्ताओं का संदेश स्पष्ट है – “हम पीछे हटने वाले नहीं, जनता के मुद्दों पर लड़ाई जारी रहेगी।”






