Madhubani: जिलाधिकारी आनंद शर्मा के द्वारा समीक्षा बैठक में स्पीडी ट्रायल एवं सामान्य वाद से संबंधित लंबित वादों के त्वरित एवं प्रभावकारी निष्पादन को लेकर लक्ष्य निर्धारित किया गया है. जिसमें स्पीडी ट्रायल के माध्यम से पॉस्को एक्ट के वाद में प्रतिमाह कम-से-कम 1 वाद तथा कुल 3 वाद को निष्पादित करने का लक्ष्य दिया गया है.
वही एनडीपीएस एक्ट के तहत तीन एवं एक्साईज एक्ट के तहत 1 वाद को निष्पादित करने का लक्ष्य दिया गया है. समीक्षा के क्रम में गया कि माह जनवरी में स्पीडी ट्रायल के तहत कुल 7 वादों में से 2 को निष्पादित करते हुए सजा की कारवाई की गई है. सामान्य वाद में एनडीपीएस एक्ट के तहत एक को सजा एवं एस. सी.एस. टी. वाद में 2 को सजा की कारवाई की गई है.
दिसंबर में स्पीडी ट्रायल में एस.सी.एस.टी. वाद में 2 को सजा की कारवाई की गई है. वही सामान्य वाद के तहत एस. सी.एस. टी. एक्ट के तहत 1 को सजा की कारवाई की गई है. लोक अभियोजक के द्वारा 5 एवं डीपीओ स्तर से 15 वाद को निष्पादित किया गया है.
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी विधि पदाधिकारी स्पीडी ट्रायल से संबंधित सभी मामलों का निष्पादन यथा शीघ्र करना सुनिश्चित करें साथ ही सामान्य मामलो के निष्पादन में भी प्रगति लाएं. साथ ही प्रत्येक वाद में राज्य का पक्ष दृढ़तापूर्वक रखा जाय जिससे कि विभिन्न वादों में अधिकाधिक दोष सिद्धि कराया जा सके.
बैठक में यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण संबंधी अधिनियम, अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति, मद्य निषेध आदि विषयों से संबंधित अभियोजन एवं उसके अनुसंधान पर भी चर्चा हुई साथ ही बैठक में एक्साईज एक्ट, पोक्सो एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, एससी/ एसटी एक्ट, हत्या, डकैती, बलात्कार, शस्त्र अधिनियम से संबंधित महत्वपूर्ण और गंभीर मामलों को चिन्हित करते हुए प्राथमिकता के आधार पर ससमय निष्पादन करने का निर्देश दिया गया. जिलाधिकारी ने कहा कि पीड़ित को त्वरित न्याय दिलाना हम सभी की जिम्मेदारी है और हम सबकी यह प्राथमिकता होनी चाहिए कि हम न्याय समय से दिला सके.
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने वादों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए यह आकलन किया कि किस स्तर पर कितने वाद लंबित हैं तथा उनके लंबित रहने के कारण क्या हैं. उन्होंने संबंधित अधिकारियों से बिंदुवार जानकारी लेते हुए लंबित वादों के त्वरित निस्तारण हेतु आवश्यक निर्देश दिए.
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि आर्म्स एक्ट से जुड़े वादों का शीघ्र निष्पादन कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने की दिशा में अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय एवं निरंतर संवाद बनाए रखते हुए कार्य करने का निर्देश दिया, ताकि वादों के निष्पादन में अनावश्यक विलंब न हो.
इसके साथ ही, प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग एवं सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के को लेकर सभी संबंधित अधिकारियों को पूरी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया ताकि समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित हो सके. जिलाधिकारी ने अपेक्षा जताई कि निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुपालन से आर्म्स एक्ट से संबंधित वादों के निष्पादन में तेजी आएगी तथा न्यायिक प्रक्रिया अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनेगी.
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