- संवाददाता- वीरेंद्र कुमार
Nalanda: स्थानीय केएसटी कॉलेज में शुक्रवार को देश के प्रथम उपराष्ट्रपति और द्वितीय राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई. इस अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि डॉ राधाकृष्णन एक प्रख्यात शिक्षाविद्, महान दार्शनिक और विचारक थे.
मंत्री ने कहा कि डॉ राधाकृष्णन ने शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया और शिक्षकों के महत्व को रेखांकित किया. उनका जन्मदिन शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है. उन्होंने लंबे समय तक प्रोफेसर के रूप में सेवा दी और कई विश्वविद्यालयों के कुलपति भी रहे. शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया. श्रवण कुमार ने कहा कि शिक्षक ही देश के राष्ट्र निर्माता कहलाते हैं.
कार्यक्रम में मंत्री ने बिहार के लेनिन के नाम से प्रसिद्ध क्रांतिकारी और समाजवादी नेता स्व. जगदेव प्रसाद को भी याद किया. उन्होंने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी. मंत्री ने बताया कि जगदेव बाबू ने कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए जीवनभर संघर्ष किया और उनका प्रसिद्ध नारा था, 100 में 90 शोषित हैं, 90 भाग हमारा है. उन्हें आज भी सामाजिक न्याय की राजनीति का प्रतीक माना जाता है.
कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य डॉ संजीत कुमार ने की. प्राचार्य ने कहा कि डॉ राधाकृष्णन एक आदर्श शिक्षक थे और उनका जन्मदिन शिक्षक दिवस के रूप में मनाना सभी शिक्षकों के सम्मान का प्रतीक है. उन्होंने शहीद जगदेव बाबू को बिहार की राजनीति का चमकता सितारा बताया, जिन्होंने अंतिम सांस तक शोषित वर्गों के न्याय के लिए संघर्ष किया.
इस अवसर पर कॉलेज के शिक्षक डॉ केसरी किशोर, प्रो. कुमार उमेशचंद्र सिन्हा, डॉ सत्येंद्र प्रसाद, कुमार उज्ज्वलानंद गिरि, डॉ अशोक कुमार, प्रो सुनील कुमार, डॉ सौरभ कुमार, डॉ आदित्य कुमार, डॉ प्रभामित्र आनंद, ललन कुमार, दीनानाथ प्रसाद, जनक कुमार सहित अन्य शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारी मौजूद रहे.
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