- संवाददाता- विकास कुमार
Saharsa: सूर्या अस्पताल ने 150 लोगों पर कराया एफआईआर. सूर्या अस्पताल के डॉक्टर ने प्रदर्शन कर रहे डेढ़ सौ लोगों पर मामला दर्ज करवाया है. कहा कि मुझे बदनाम करने की साजिश हो रही है. बीते दिनों सहरसा जिले के डीबी रोड निवासी एक महिला की मौत के बाद परिजनों के द्वारा शव के साथ स्थानीय गांधी पथ स्थित सूर्या हॉस्पिटल परिसर में जमकर तोड़फोड़, गाली गलौज और मारपीट की गई.
मृतक के परिजन ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया था. जिसके बाद सूर्या अस्पताल के निदेशक डॉ विजय शंकर ने सदर थाना में लिखित आवेदन देकर अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ करने आए और गाली गलौज मारपीट करने वालों पर मामला दर्ज करवाया है. साथ ही मीडिया से बातचीत के दौरान सूर्या अस्पताल के निदेशक ने बताया कि कुछ लोगों के द्वारा मुझे बदनाम करने की साजिश रची जा रही है.
वहीं उन्होंने यह भी बताया कि नस कटने के बाद कोई भी मरीज 5 से 6 घंटा तक ही जीवित रह सकता है अगर मरीज के परिजन को किसी बात की शंका थी तो उन्होंने शव का पोस्टमार्टम क्यों नहीं करवाया. यह सिर्फ और सिर्फ सूर्या अस्पताल और मुझे बदनाम करने की साजिश है.
सूर्या हॉस्पिटल के निदेशक डॉक्टर विजय शंकर ने कहा कि एक पेशेंट थी जो मेरे पास आई. 19 जुलाई को उसका गोल्ड ब्लैडर का सफल ऑपरेशन किया गया. पूरी तरह से स्वस्थ होकर वह 24 जुलाई को यहां से चली गई. उसके बाद फिर वो एक अगस्त को आई, कि पैर फिसलने से बाथरूम में गिर गई थी. उसका ब्लीडिंग हो रहा था, जिसका इलाज किया गया. मरीज के रिक्वेस्ट पर उसे आईजीएमएस रेफर कर दिया, जबकि वह उस स्थिति में नहीं थी.
वह पटना के किसी प्राइवेट अस्पताल में उसका इलाज कराया, इसकी जानकारी दी. और कहा कि पटना से आने के बाद हॉस्पिटल का बिल भर देगें. लेकिन 18 अगस्त को शव के साथ 100 से अधिक लोग पहुंचे और हंगामा और तोड़फोड़ करने लगे.
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