- संवाददाता- वीरेंद्र कुमार
Nalanda: नालंदा जिला के दीपनगर थाना क्षेत्र में मां काली के जयकारों के बीच मातम छा गया. दीपनगर थाना इलाके के कोसुक गांव के पास हथियाखाड़ में मूर्ति विसर्जन के दौरान तीन युवक गहरे पानी में समा गए. भक्ति का माहौल कुछ ही पलों में चीखों में बदल गया. लोग दौड़े, चिल्लाए, पर मौत ने किसी की नहीं सुनी.
एसडीआरएफ की टीम जुटी, पर बचा न सके तीनों को घटनास्थल पर पहुंची एसडीआरएफ की टीम ने घंटों रेस्क्यू किया. 24 घंटे की जद्दोजहद के बाद मोहित और मंदीप के शव बरामद हुए, लेकिन तीसरा युवक सागर अब भी नदी की गहराई में समाया हुआ है. गांव का माहौल सन्न है, हर आंखें नम हैं और हर दिल में सवाल गूंज रहा है. आखिर हमारी लापरवाही कब तक जिंदगियां लीलती रहेगी?
सड़क पर ज्वालामुखी बना गुस्सा – टायर जले, वाहन फंसे, यात्रियों की चीखें गूंजीं गोताखोरों की मांग और प्रशासनिक सुस्ती से तंग आकर गांववालों का सब्र आखिर टूट गया. बिहार शरीफ–राजगीर मुख्य मार्ग को जाम कर ग्रामीणों ने टायर जलाए, सड़क पर आग की लपटें उठीं और हवा में गुस्से की चिंगारियां तैरने लगीं. कई गाड़ियों के शीशे तोड़े गए, यात्रियों और उग्र भीड़ के बीच धक्का-मुक्की हुई. घंटों तक सड़क रणभूमि बनी रही.
प्रशासन ने देर की, इसलिए बुझ गई तीन घरों की रोशनी परिजनों का आरोप शव बरामद होने के बाद परिजन फफक पड़े. कहने लगे अगर गोताखोर वक्त पर आते, तो हमारे बच्चे जिंदा होते. परिवारवालों का आरोप है कि प्रशासनिक कोताही ने इस हादसे को और भी भयावह बना दिया.
भारी पुलिस बल तैनात, फिर भी गांव में सन्नाटा पसरा दीपनगर, बिहार थाना और सोहसराय पुलिस की टीम मौके पर तैनात है. नदी किनारे अब भी सागर की तलाश जारी है, पर पानी की हर लहर अब मौत की गवाही दे रही है.
तीनों युवक सिंह नगर के रहने वाले हैं. जानकारी के अनुसार तीनों युवक सिंह नगर निवासी थे. मां काली की प्रतिमा विसर्जन के लिए पंचाने नदी पहुंचे थे. काली मां के जयकारों के बीच उनका संतुलन बिगड़ा और एक झटके में नदी ने तीन जिंदगियों को निगल लिया.
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