- संवाददाता- विकास कुमार
Saharsa: शहर के सूर्या अस्पताल में दशहरा के दिन गुरुवार की रात मौत और जीवन से जूझ रहे गोली से गंभीर रूप से जख्मी युवक को नया जीवनदान मिला है. जख्मी की मां अनीता देवी ने कहा कि अस्पताल के चिकित्सक सर्जन डॉ विजय शंकर एवं उसकी टीम भगवान के रूप में उसे युवक का ऑपरेशन कर उसकी जान बचाई.
मधेपुरा के आजाद टोला वार्ड नंबर 2 निवासी चंद्र किशोर यादव के 25 वर्षीय पुत्र आशीष कुमार को 2 अक्टूबर को ही मधेपुरा में अज्ञात अपराधियों ने गोली मार दी. वहीं लोगों का कहना है कि आशीष को गोली मारने के बाद उसे करीब आधा घंटा तक सड़क किनारे तड़पता छोड़ दिया गया. बाद में किसी रिक्शे वाले ने उसे सदर अस्पताल एवं मधेपुरा मेडिकल कॉलेज लाया.
जहां चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बाहर रेफर कर दिया. परिजनों ने बताया कि जख्मी युवक के शरीर से खून अधिक निकल जाने व रक्तस्राव अधिक होने के कारण उसे रेफर कर दिया गया. जख्मी के परिजन ने उसे सहरसा सूर्या हॉस्पिटल लेकर रात में पहुंचे. जहां मरीज की काफी चिंताजनक हाल के बावजूद भी सूर्या हॉस्पिटल के निर्देशक प्रसिद्ध सर्जन डॉक्टर विजय शंकर ने बिना समय गवाएं उसका इलाज शुरू किया और करीब 2 घंटे कड़ी मशक्कत के बाद ऑपरेशन कर उसकी जान बचाई.
परिजनों ने बताया कि सूर्या हॉस्पिटल के डॉक्टर विजय शंकर भगवान बनकर मेरे बच्चे की जान बचाई है. उन्हे कोटि कोटि धन्यवाद ज्ञापित किया. वहीं डॉक्टर विजय शंकर कहते हैं कि दशहरा पर्व हो या दिवाली मरीज आने पर मैं मानवीयता और सेवा कार्य के आधार पर गोली से जख्मी युवक का सफल ऑपरेशन करके उसकी जान बचाई है. युवक की जान बची यही मेरे लिए सबसे बड़ा पर्व साबित हुआ है.
ज्ञात हो कि इस घटना में सबसे बड़ी बात थी कि गोली बाएं सीने में लगने से लंग्स एवं फेफड़ा डैमेज हो गया. वहीं ब्लड ज्यादा निकल जाने के बाद युवक की स्थिति गंभीर थी लेकिन मेहनत रंग लाई. अब युवक की जान पूरी तरह खतरे से बाहर है.
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