Patna: बुधवार को विधानसभा में नीतीश-तेजस्वी में नोकझोंक हुई. बिहार चुनाव से पहले चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर चल रही बहस विधानसभा में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के बीच तीखी नोकझोंक में बदल गई. नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव को “बच्चा” कह दिया.
नीतीश कुमार ने बुधवार को विधानसभा में कहा कि आप बच्चे हैं. आपको इन जैसे मामलों के बारे में कुछ नहीं पता. सदन के इस आखिरी सत्र में केवल तीन दिन बचे हैं. इसे विधायी कार्य करने दें. आपको जो भी अंड-बंड बोलना रहता है बोलते रहिए. चुनाव के दौरान जी भरकर बोल सकते हैं.
जब तेजस्वी यादव केंद्रीय चुनाव आयोग के एसआईआर अभियान के बारे में बोल रहे थे, तो नीतीश कुमार ने हस्तक्षेप किया और अपने पूर्व सहयोगी से पूछा कि उन्होंने राज्य के लिए क्या किया है. बिहार के मुख्यमंत्री ने पूछा कि जब उनके (यादव के) माता-पिता मुख्यमंत्री थे, तो उन्होंने कुछ नहीं किया, न महिलाओं के लिए, न मुसलमानों के लिए, न ही समाज के किसी अन्य वर्ग के लिए. एकमात्र महिला जिसे कुछ मिला, वह उनकी मां थीं.
चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए, तेजस्वी इस पूरी प्रक्रिया के समय के बारे में बात कर रहे थे और पूछ रहे थे: “2003 में, इसी तरह के एसआईआर अभियान को पूरा करने में डेढ़ साल लग गए थे. यह प्रक्रिया लोकसभा चुनाव के बाद की जा सकती थी. बिहार में अभी मानसून का मौसम है- लोग फॉर्म कैसे भरेंगे?”
यह कहते हुए कि संविधान ने सभी को वोट देने का समान अधिकार दिया है, तेजस्वी ने आगे पूछा कि चुनाव आयोग सत्यापन अभियान के दौरान मतदाताओं को राशन और आधार कार्ड जमा करने की अनुमति क्यों नहीं दे रहा है. उन्होंने कहा कि आधार क्यों नहीं जोड़ा जा रहा है? राशन कार्ड क्यों नहीं जोड़ा जा रहा है? चुनाव आयोग का काम निष्पक्ष चुनाव कराना है.
यही वह समय था जब मुख्यमंत्री, इस मुद्दे पर चर्चा की अनुमति दिए जाने से नाराज दिख रहे थे, और उन्होंने बीच में ही बोल दिया. जब तक नीतीश कुमार बैठे तो विपक्ष के कई सदस्य खड़े हो गए और सत्ता पक्ष के सदस्यों के बीच शोर-शराबा शुरू हो गया.
जब राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने असंसदीय भाषा का प्रयोग किया तो अध्यक्ष नाराज हो गए. उन्होंने विपक्ष के नेता से कहा कि मैंने आपको बयान देने की अनुमति दे दी है. मैं आपके पक्ष के अन्य लोगों को भी बोलने दे रहा हूं, लेकिन पहले आपको भाई वीरेंद्र से माफी मांगनी होगी.
सत्ता पक्ष की ओर मुड़ते हुए अध्यक्ष ने उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, जो स्वयं भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व अध्यक्ष हैं, को ऊंची आवाज में चिल्लाते हुए देखा, तो वे भयभीत हो गए. अध्यक्ष ने कहा कि यह बहुत ही घृणित है कि आप उपमुख्यमंत्री होने के बावजूद इस तरह का व्यवहार कर रहे हैं और फिर कार्यवाही को भोजनावकाश तक स्थगित कर दिया गया.
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