- संवाददाता- जितेंद्र कुमार गुप्ता
Bettiah: जन सुराज कोई राजनीतिक पार्टी नहीं है. यह यूपीएससी और बीपीएससी तर्ज पर बनाई गई पार्टी है. जहां पर नेताओं को अपनी काबिलियत की परीक्षा देनी पड़ेगी और परीक्षा पास होने पर सांसद, विधायक, मुखिया, जिला पार्षद, वार्ड पार्षद में उनका सलेक्शन होगा. यह हम नहीं कह रहे हैं यह जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर कह रहे हैं.
बेतिया सर्किट हाउस में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान प्रशांत किशोर ने बताया है कि उनकी पार्टी में किसको टिकट मिलेगा और नहीं मिलेगा यह उनके काबिलियत के ऊपर है. जन सुराज एक विचारधारा से लैस पार्टी है. जो काबिलियत के आधार पर टिकट का अबकी बार बटवारा करेगी. यूपीएससी के तर्ज पर बीपीएससी के तर्ज पर जिस तरह से लाखों युवा परीक्षा देते हैं जो काबिल होते हैं कलेक्टर बनते है एसपी बनते है उनका सिलेक्शन होता है.
ठीक उसी तरह बीपीएससी में भी जो युवा काबिल होते हैं. परीक्षा पास करते हैं वह भी अधिकारी बनते हैं. ठीक उसी तरह से जनसुराज है. जिसमें युवाओं की काबिलियत देखी जा रही है. प्रत्याशियों को परखी जा रही है. कितने प्रत्याशी विधानसभा लड़ने योग्य हैं. कितने वार्ड पार्षद लड़ने वाले हैं. कितने मुखिया बनने वाले हैं. कितने जिला पार्षद बनने वाले हैं इन सबों को पार्टी चिन्हित कर रही है और उन्हें वैसे ही जगह पर काबिलियत के अनुसार चुनाव लड़ाया जाएगा ताकि बेहतर समाज का निर्माण हो सके.
यहां यूपीएससी की तर्ज पर ही प्रत्याशियों का सिलेक्शन किया जाएगा. आपको जानकर बड़ी हैरानी होगी कि आज तक भारत में ऐसी कोई राजनीतिक पार्टी नहीं है जिसमें नेताओं को चुनाव लड़ने के लिए यूपीएससी के तर्ज पर परीक्षा में पास करना पड़ा हो और जो फेलियर होंगे उन्हें सबसे निचले पद पर वार्ड पार्षद का चुनाव लड़ना होगा. ऐसा हम नहीं कह रहे हैं प्रशांत किशोर ने बेतिया के सर्किट हाउस में कहा है.
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