Madhubani: मधुबनी कोर्ट के द्वारा समाहरणालय को नीलाम करने के आदेश के बाद इसकी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. अदालत के इस फैसले के बाद समाहरणालय गेट पर नोटिस भी चिपका दिया गया है. कोर्ट ने जिला प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है. अगर तय समय में याचिकाकर्ता के पैसे नहीं दिए गए तो नीलामी की प्रक्रिया शुरु हो जाएगी. मामला पंडौल के सहकारी स्पिनिंग मिल से जुड़ा है.
4.17 करोड़ रुपए बाकी
याचिकाकर्ता मेसर्स राधा कृष्ण एक्सपोर्ट्स प्रा. लि. के अधिवक्ता वरुण कुमार झा ने कहा कि पंडौल कोऑपरेटिव सूत मिल में उनके क्लाइंट के लगाए गए पूंजी और रॉ मटेरियल का पैसा सालों से बकाया है. इसमें याचिकाकर्ता के 4.17 करोड़ रुपए का भुगतान अब तक नहीं हुआ है. यह राशि सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति घनश्याम प्रसाद के मध्यस्थता आदेश के बावजूद अब तक लंबित है. न्यायमूर्ति घनश्याम प्रसाद द्वारा बतौर आर्बिट्रेटर रिक्वेस्ट वाद संख्या 7-2012 में पारित आदेश राज्य सरकार ने राशि का भुगतान नहीं किया.
2016 में दायर की गई याचिका
2016 में मधुबनी जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में आर्बिट्रेशन इजराय वाद दायर किया गया. कोर्ट से कलेक्ट्रेट की जमीन और भवन नीलाम कर याचिकाकर्ता को राशि भुगतान करने की मांग की गई. जिसके बाद कोर्ट का यह फैसला आया है.
कलेक्ट्रेट गेट पर नोटिस चिपका
कोर्ट के इस फैसले के बाद मधुबनी कोर्ट के नाजिर ने समाहरणालय के गेट पर नोटिस चिपकाया है. इस मौके पर याचिकाकर्ता के वकील हरिशंकर श्रीवास्तव भी मौजूद रहे. कोर्ट ने जिला प्रशासन को 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया है. अगर इस समय सीमा में भुगतान नहीं हुआ तो कलेक्ट्रेट की 10 कट्ठा जमीन और उसपर बने दो मंजिला बिल्डिंग नीलाम कर दिया जाएगा. इसी पैसे से याचिकाकर्ता के बकाए का भुगतान किया जाए.
डीएम कर रहे कानूनी विकल्पों पर विचार
कोर्ट के इस आदेश के बाद प्रशासनिक अमला में हड़कंप मच गया. इस मामले पर मधुबनी के डीएम आनंद शर्मा ने कहा कि यह मामला पटना उद्योग विभाग से जुड़ा है और वही इस पर अधिक जानकारी दे सकता है. डीएम ने कहा कि जिला प्रशासन नीलामी प्रक्रिया रोकने के लिए कानूनी विकल्प पर विचार कर रहा है.






