Meerut: मेरठ में एक डॉगी ने अपनी जान देकर अपने मालिक के बेटे को बचाया. डॉगी ने सांप को अपने जबड़े में दबाकर हमला करने से बचाया. जहरीले सांप ने डॉगी को 26 बार डसा, फिर भी उसने नहीं छोड़ा. डॉगी ने अपने मालिक के बेटे को तो बचा लिया, लेकिन 27 घंटे तक जिंदगी मौत से जूझने के बाद उसने दम तोड़ दिया.
घर में सब सो रहे थे तभी पहुंच गया रसेल वाइपर
घटना के बारे में बताया जा रहा है कि मेरठ के दौराला के मोहल्ला रामपुरी में किसान अजय कुमार ऊर्फ कल्लू रहते हैं और वहां पर कोल्हू चलाते हैं. उनके परिवार में पत्नी के साथ तीन बच्चे भी रहते हैं. मंगलवार की रात को परिवार के लोग जब सो रहे थे उसी वक्त 23 वर्षीय उनका छोटा बेटा वंश भी वहीं पर गेट की तरफ सो रहा था. उसी दौरान रसेल वाइपर प्रजाति का एक सांप वहां पहुंच गया.

आंख खुली तो देखा डॉगी सांप के बीच हो रही लड़ाई
वंश ने बताया कि मैं वहां पर चारपाई पर सो रहा था. इसी बीच रात में रसेल वाइपर सांप घर में घुस आया. सांप को देखते ही अमेरिकन बुल नस्ल की पालतू डॉगी जिसका नाम मिनी है वह उससे भिड़ गई. सांप ने डॉगी को कई जगहों पर डसा. वंश ने कहा कि मिनी के भौंकने की आवाज सुनकर रात करीब तीन बजे मेरी नींद खुली. मैंने देखा कि एक डॉगी एक सांप से लड़ रही थी.
सांप को पकड़कर जंगल में छोड़ा
उन्होंने कहा कि सांप के साथ लड़ते-लड़ते कुछ देर बाद मिनी बेहोश होकर गिर गई. सांप लगातार फुंफकार मारकर उसे डस रहा था. वंश ने कहा कि मैंने तुरंत मम्मी पापा को बुलाया. उसके बाद परिवार के सभी लोगों ने मिलकर सांप को दबा दिया. उसे पकड़कर एक डिब्बे में बंद किया और रसेल वाइपर को जंगल में छोड़ दिया.

27 घंटे बाद इलाज के दौरान डॉगी की मौत
वंश ने बताया कि मिनी को लेकर हम लोग तुरंत अस्पताल पहुंचे. वहां से फिर गाजियाबाद डॉक्टर से ट्रीटमेंट कराया, लेकिन 27 घंटे बाद उसने दम तोड़ दिया. उसकी मौत से पूरे परिवार में मातम का माहौल है. मिनी जब एक महीना से कम उम्र की थी तभी से वह इस परिवार का हिस्सा रही. पांच साल तक इस परिवार के संग सदस्यों की तरह रही, लेकिन उसका दुखद अंत हुआ. वंश ने कहा कि हम लोगों ने सांप को नहीं मारा क्योंकि उसे उसके किए की सजा खुद मिलेगी.






