Madhubani: बिहार के मधुबनी जिले के जटही-पिपरौन बॉर्डर से संदिग्ध स्थिति में दो चीनी नागरिकों को एसएसबी ने गिरफ्तार किया है. उसके मोबाइल में 50 से अधिक भारत विरोधी वीडियो मिले हैं. दोनों चीनी नागरिक भारत के बॉर्डर पर तस्वीर ले रहे थे. उनके पास न तो पासपोर्ट मिला और न ही वीजा. केंद्रीय एजेंसी मामले की जांच में जुट गई है.
टूरिस्ट वीजा पर आया था नेपाल
दोनों चीनी नागरिकों के साथ संवाद में कठिनाई हो रही है क्योंकि एक व्यक्ति सिर्फ चीनी भाषा ही बोल पा रहा है जबकि दूसरा थोड़ा-बहुत इंग्लिश बोल पा रहा है. इनकी पहचान 38 वर्षीय वू हेलोंग के रूप में हुई है. जो कि हेलोंग जियांग डालियान सिटी के लियाओनिंग का रहने वाला है. पूछताछ में पता चला कि वह टूरिस्ट वीजा पर 14 मार्च को नेपाल की राजधानी काठमांडू पहुंचा था. इसके वीजा को 11 जुलाई तक के लिए बढ़ा गया है. ये काठमांडू और पोखरा घूमने के बाद जनकपुर पहुंचा, जहां पर एक होटल में ठहरा था.
गर्लफ्रेंड से मिलने आया था नेपाल
शेंग जुन योंग के रूप में दूसरे की पहचान हुई है. वह शंघाई से काठमांडू 27 फरवरी को आया था. उसके पास पर्यटक वीजा है, जो कि 27 मई तक वैध था, जिसका विस्तार 26 जून 2025 तक के लिए किया गया. शेंग जुन पिछले साल भी नेपाल घूम चुका है. वह अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने नेपाल आया था. उसके बाद भारत में घुसने की कोशिश कर रहा था.
मोबाइल में मिले भारत विरोधी वीडियो
वू हेलोंग के फोन से 50 से अधिक खालिस्तान समर्थक और भारत विरोधी वीडियो मिले हैं. जो पिछले 7 महीने में डाउनलोड किए गए हैं. पूछताछ में उसने बताया कि वह व्यूज और फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए अपने सोशल मीडिया पर अपलोड करने के लिए ये वीडियो डाउनलोड किया था.
एसएसबी और जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दोनों को पकड़ा गया है. उनके पास से कोई वैलिड पेपर नहीं मिले हैं. सुरक्षा एजेंसियां इस मामले की जांच कर रही है.- योगेंद्र कुमार, एसपी मधुबनी
बॉर्डर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
बता दें कि पहलगाम हमले के बाद से इंडिया नेपाल बॉर्डर पर निगरानी बढ़ा दी गई है. बॉर्डर पर सुरक्षा और जांच की व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है. दोनों चीनी नागरिकों के भारत में प्रवेश की जांच की जा रहा है कि आखिर किस मकसद से ये लोग यहां आए थे.






