ग्रामीण आवास सहायक कर्मियों का धरना प्रदर्शन जारी, 16 सूत्री मांग को लेकर दी ये चेतावनी

By: Jan Manas

On: Tuesday, June 24, 2025 10:09 PM

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  • रिपोर्ट- विकास कुमार

Saharsa: ग्रामीण आवास सहायक कर्मियों का सगासा संघर्ष समन्वय समिति के जिला इकाई द्वारा 16 सूत्री मांगों के समर्थन में अंशकालिक व सांकेतिक हड़ताल के तहत स्टेडियम के समीप धरना प्रदर्शन तीसरे दिन मंगलवार को भी जारी रहा.

संघर्ष समन्वय समिति के जिला अध्यक्ष हिमांशु कुमार, पर्यवेक्षक गोपाल, खुशबू कुमारी, दिवाकर कुमार, लेखा सहायक देवेश कुमार, भोगेंद्र भंडारी ने बताया कि ग्रामीण विकास विभाग पर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के कर्मियों हेतु स्वीकृति अनुमोदन प्राप्त है. उक्त संकल्प के आलोक में ग्रामीण विकास विभाग बिहार, पटना द्वारा विभागीय पत्र निर्गत नहीं किया गया है. जिसके कारण उसका लाभ ग्रामीण आवास कर्मियों को नहीं मिल पा रहा है. इससे हममें भविष्य को लेकर चिंताजनक स्थिति बढ़ती जा रही है.

बिहार सरकार एवं विभाग को ज्ञात है कि विगत वर्षो में विभाग द्वारा निर्गत पत्र की आड़ में कार्य में प्रगति को बहाने या किसी के झूठे शिकायत मात्र के आधार पर ग्रामीण आवास कर्मियों सेवा चयन मुक्ति एवं एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई बहुत तेजी से की जा रही है. स्पष्ट हो कि बिना किसी निष्पक्ष जांच के सेवा/चयन मुक्त करने की कार्रवाई की जा रही है. जिनकी विभागीय नियमानुकुल अपीलीय सुनवाई की गति बहुत मंद है. अपीलीय सुनवाई होने के बाद भी मामले को बेवजह लंबित रखा जा रहा है.

संविदा रद्द, चयन मुक्त कर्मियों में से महज चंद लोगों की सेवा में वापसी हो सकी है. शेष प्रक्रियाधीन व विचाराधीन है. इससे संविदा रद्द व चयनमुक्त कर्मियों की पारिवारिक, मानसिक, आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति को गहरा ठेस पहुंचा रहा है और वे हतोत्साहित होते जा रहे हैं. महत्वपूर्ण योजना का कार्य बाधित होने की सम्पूर्ण जवाबदेही बिहार सरकार एवं विभाग की होगी. इसके बावजूद भी बिहार सरकार एवं विभाग द्वारा उक्त मांगों पर गंभीरतापूर्वक ध्यान नहीं दिया गया एवं किसी प्रकार की यथोचित कार्रवाई नहीं की जा सकी तो संघ के द्वारा अगला कठोर आन्दोलात्मक कदम भी उठाया जाएगा.

आवास सहायक कर्मियों के 16 सूत्री मांग में वेतन वृद्धि, सेवा स्थायीकरण एवं विभागीय अनुशंसा के उपरांत कर्मियों के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई करने, ग्रामीण आवास कर्मियों के स्थायीकरण को आसान करने के लिए संबंधित कानून में संशोधन करने, संविदा कर्मियों की सेवा का नियमित नियमितीकरण करने, ग्रामीण विकास विभाग के आलोक में प्रधानमंत्री आवास योजना में कार्यरत आवास कर्मियों को प्रत्येक 3 वर्ष पर मानदेय पुनरीक्षण का प्रावधान करने, ग्रामीण आवास कर्मियों की सेवा पुस्तिका का संधारण एवं सेवा शर्त नियम का निर्धारण करने, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के दायरे में लाने एवं पुरानी पेंशन योजना को लागू करने, सेवा मुक्त संविदा व ग्रामीण आवास कर्मियों को पुनः बहाल करने, नियोजित शिक्षकों की भांति ग्रामीण आवास कर्मियों के आश्रितों को अनुकंपा का लाभ दिए जाने, ग्रामीण आवास कर्मियों के स्थानांतरण नियमावली बनाने, महिला ग्रामीण सेवकों को रात्रि कालीन सेवा पर रोक लगाने, ग्रामीण आवास कर्मियों के साथ अनुचित हस्तक्षेप रोकने, विशेष कार्यों में प्रति नियुक्त करने पर विशेष भत्ता का भुगतान किए जाने, ग्रामीण आवास कर्मियों को सरकारी स्थाई नौकरी हेतु अधिमानता का लाभ दिए जाने, कार्यों का विस्तार करने ग्रामीण आवास पर्यवेक्षक के नियुक्ति का रिक्त पदों को शीघ्र भरने सहित अन्य मांग शामिल है.

इस मौके पर प्रदीप प्रभाकर, संजय राम, मुकेश कुमार, संदीप कुमार, ध्रुव कुमार, बबन झा, सपना कुमारी, कोमल, लिपि कुमारी, संजू कुमारी,मृणाल कुमार सहित सभी जिला स्तरीय आवास कर्मी मौजूद थे.

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