- रिपोर्ट- विकास कुमार
Saharsa: सहरसा स्टेशन पर मिथिला पेंटिंग की जा रही है. अमृत भारत योजना के तहत सहरसा में 42 करोड़ की लागत से बन रहे नए रेलवे स्टेशन भवन का निर्माण कार्य जारी है और अब रेलवे स्टेशन भवन की दीवारों को मिथिला पेंटिंग से सुसज्जीत किया जा रहा है.
सहरसा में मधुबनी के कलाकार कर रहे पेंटिंग
मधुबनी जिले से आए हुए दर्जनों कलाकार पिछले एक माह से मिथिला के धरोहरों को दीवारों पर उकेरने में जुटे हुए हैं, मिथिला पेंटिंग के माध्यम से भगवान राम सीता के विवाह, मंडन मिश्र की धरती पर मंडन मिश्र और शंकराचार्य के बीच हो रहे वार्ता सहित मिथिला के पारंपरिक चीजों को आकर्षक ढंग से दर्शाया जा रहा है.

सामा चकेवा और झिझिया की भी पेंटिंग
मधुबनी से सहरसा पेंटिंग के आई कलाकार ज्वालामुखी देवी ने कहा कि मुझे सहरसा स्टेशन पर मिथिला पेंटिंग करने का मौका मिला है. राम सीता की पेंटिंग मैंने बनाई है. जो कि पारंपरिक है. रीति रिवाज के मुताबिक कई पेंटिंग बनाई गई है. वहीं आने वाले दिनों में मिथिला का प्रसिद्ध पर्व सामा चकेवा की भी पेंटिंग बनाई जाएगा. साथ ही झिझिया से जुड़ी पेंटिंग भी यहां बनाई जाएगी. अभी यहां पर पेंटिंग का काम पूरा होने में 15 दिन और लगेगा.

स्टेशन पर मिथिला संस्कृति की झलक
कलाकार कमल देव पासवान ने कहा कि मेरे पिता पद्मश्री और माता पद्मश्री शांति देवी के निर्देश पर सहरसा स्टेशन पर मिथिला पेंटिंग का काम चल रहा है. उन्होंने कहा कि रेवले की तरफ से पेंटिंग का काम मिला है. जिसमें मधुबनी से 20-25 सदस्यीय टीम लेकर आए हैं. महिषी में शंकराचार्य और मंडन मिश्र के बीच जो शास्त्रार्थ हुआ था, उसकी भी पेंटिंग बनाई जा रही है. मिथिला संस्कृति से जुड़ी आकृति दीवारों पर उकेरी जा रही है.

स्टेशन पर एयरपोर्ट जैसा सुविधाएं
आपको बता दें कि अमृत भारत योजना से बन रहे इस नए रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए कई तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है, जिस प्रकार यात्रियों को एयरपोर्ट पर सुविधाएं मिलती है ठीक उसी प्रकार रेलवे स्टेशन का उद्घाटन होने के बाद यात्रियों को यहां एयरपोर्ट जैसी सुविधा मिलेगी.
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