- रिपोर्ट- मानस मिहिर
Khajauli/Madhubani: मधुबनी जिले के खजौली में विवेकानंद इंग्लिश पब्लिक स्कूल प्रांगण में मंत्री अरुण शंकर प्रसाद के लिए जन आभार सह अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया. इस समारोह में इलाके के एनडीए के नेता समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे. वहीं कार्यकर्ताओं ने भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया.
विवेकानंद पब्लिक स्कूल खजौली के डायरेक्टर अनीश कुमार झा ने भी मंत्री का आभार व्यक्त किया साथ ही उन्होंने खजौली के लिए कुछ मांग भी रखी. वहां मौजूद नेता और कार्यकर्ताओं ने मिथिला के पारंपरिक पाग, डोपटा और माला पहनाकर मंत्री का स्वागत किया. साथ ही जिला परिषद सदस्य, पूर्व जिला परिषद सदस्य, मुखिया, मुखिया प्रतिनिधि, एनडीए में शामिल पार्टियों के पदाधिकारियों ने उनका आभार व्यक्त किया. साथ ही नीतीश कुमार को भी धन्यवाद दिया कि खजौली के विधायक को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया.

इस कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मंत्री अरुण शंकर प्रसाद से कई मांगे की. इसमें खजौली को पर्यटन के मानचित्र पर स्थापित करने के साथ-साथ पटना से खजौली तक के परिवहन व्यवस्था के लिए भी मांग की गई.
कार्यक्रम के दौरान मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि पर्यटन विभाग की ओर से जो उन्हें जिम्मेदारी दी गई है उसको वह बखूबी निभाने का प्रयास करेंगे साथ ही खजौली विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं और जनता को यह भी कहा कि पहले की तरह सिर्फ विधायक की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि अब मंत्री भी बनाया गया है इसलिए पूरे राज्य में जहां भी पर्यटन विभाग का काम है उन्हें उनको देखना होगा इसलिए क्षेत्र में जो भी छोटे-मोटे कार्यक्रम होते थे जिसमें पहले वह मौजूद हुआ करते थे इसमें अब उनकी मौजूदगी कम हो पाएगी लेकिन उनके जनप्रतिनिधि वहां जरूर पहुंचेंगे.

अरुण शंकर प्रसाद ने पर्यटन विभाग की प्राथमिकता को बताते हुए कहा कि जो राम मंदिर की तर्ज पर पुनौरा धाम में सीता की जन्मस्थली पर सीता माता जी की मंदिर बन रहा है उसको जल्दी से जल्दी पूरा करना विभाग की प्राथमिकता होगी. साथ ही कला संस्कृति के मामले में मधुबनी में राज्य का युवा महोत्सव का आयोजन हो इसके लिए भी उनके द्वारा प्रयास किया गया है.
उन्होंने कहा कि वाराणसी की तर्ज पर सोनपुर में जो मेला लगता है, सोनपुर में जो धार्मिक स्थल है उसको भी वाराणसी के तर्ज पर डेवलप किया जाएगा इसके लिए लगभग 600 करोड़ रुपए का खर्च सरकार के तरफ से किया जाएगा.

वहीं, राजनगर को पर्यटन मानचित्र पर लाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि राजनगर में जो डेवलपमेंट की संभावना है वह राज दरभंगा पर निर्भर है और राज दरभंगा की तरफ से इसको लेकर सहमति नहीं दी जा रही है. इसलिए सरकार की तरफ से उसमें कुछ कर पाना संभव नहीं दिख रहा है. अगर राज दरभंगा की ओर से सहमति दी जाती है तो फिर राजनगर में भी पर्यटन को लेकर सरकार आगे काम कर सकती है.
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