- संवाददाता- विकास कुमार
Saharsa: मॉडल सदर अस्पताल सहरसा का हाल बेहाल, प्रशासन बना हुआ है लापरवाह. कोसी इलाके का पीएमसीएच कहा जाने वाला मॉडल सदर अस्पताल का हाल इन दिनों बेहाल बना हुआ. आलम यह है कि पूरा अस्पताल परिसर गंदे नाले के पानी से घिरा हुआ है. सबसे बुरा हाल तो ओपीडी जाने वाले रास्ते और सिटी स्कैन, एक्सरे जाने मुख्य गेट का बना हुआ है.
नींद में सोया है प्रशासन
यहां गंदे और बदबूदार पानी के बीच मरीज आने जाने को विवश हैं. दुर्गंध युक्त पानी में दिन में मच्छर और कीटाणु का आतंक फैला रहता है. लोग किसी तरह मुंह पर रुमाल रखकर इन रास्ते से गुजरने के लिए विवश हैं. इन सबके बावजूद अस्पताल प्रशासन कुंभकर्णी नींद में सोया हुआ है.

ठीक होने की जगह बीमार हो रहे लोग
लोगों का कहना है कि कोसी इलाके के सबसे बड़े मॉडल सदर अस्पताल में रोज हजारों की संख्या में मरीज अपना इलाज करवाने आते हैं लेकिन जिस तरह से यहां की स्थिति नारकीय बनी हुई है ऐसे में यहां आने वाले मरीज ठीक होने की बजाय और भी बीमारियों का शिकार हो रहे हैं.
क्या कहते हैं मरीज के परिजन
मरीज के परिजन श्वेता झा ने कहा कि यहां जो गंदगी फैली है वह सरकार दिख रहा होगा. लेकिन कुछ भी नहीं होता है. यहां पर वीआईपी मरीज भी आते होंगे. वहीं, गरीबों का आना तो मजबूरी है ही. गरीब यहां किसी बीमारी को ठीक करने के लिए यहां आते हैं, लेकिन इस गंदगी से तरह तरह की बीमारी वापस ले जाने का खतरा बन जाता है. सरकार के साथ-साथ आम लोगों की भी कुछ कुछ जिम्मेदारी होती है, सब कुछ सरकार पर नहीं छोड़ा जा सकता है.
अस्पताल अधीक्षक की दलील
वहीं, सदर अस्पताल के अधीक्षक शिव शंकर मेहता ने कहा कि इसमें नाला निर्माण होना चाहिए. नाला बनेगा तब न गंदगी बाहर जाएगा. इसके लिए डीएम ने भी एक्शन लिया है. वहीं, सिविल सर्जन की ओर से भी नगर आयुक्त को लिखा गया है. नगर आयुक्त का आदेश आएगा और नाला बन जाएगा तो गंदगी चला जाएगा.
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