Patna: मुख्यमंत्री के सख्त आदेश के बाद गोपाल खेमका मर्डर केस में पुलिस एक्शन में आ गई है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक शुरुआती जांच में शक की सुई बेऊर जेल पर गई है. माना जा रहा है कि हत्या की साजिश वहीं रची गई है. इस मामले में 14 थानों की पुलिस मिलकर बेऊर जेल में छापेमारी के लिए पहुंची. इस ऑपरेशन की मॉनिटरिंग खुद आईजी और एसएसपी कर रहे हैं.
बेऊर जेल में छापेमारी
जेल के अंदर 100 से अधिक कैदियों से पूछताछ हुई है. वहीं, एक एक वार्डों की गहन जांच की गई है. पुलिस हत्या का कनेक्शन खंगालने की कोशिश कर रही है. पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने 14 थाना के पुलिस कर्मियों और एसपी, डीएसपी सभी ब्रीफ किया.
सीएम ने डीजीपी को दिए निर्देश
उद्योगपति गोपाल खेमका की हत्या की जानकारी मिलते ही सीएम नीतीश कुमार भी एक्टिव हो गए. उन्होंने लॉ एंड ऑर्डर की समीक्षा बैठक की. डीजीपी से मामले की जानकारी ली और तुरंत सख्त एक्शन लेने का आदेश दिया. सीएन ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी अफसर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. जो भी इस मामले में शामिल है उन्हें तुरंत सामने आएं.
घर में घुसकर मारेंगे- सम्राट चौधरी
उधर डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि सीएम ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिया कि जिन्होंने कानून हाथ में लिया है, पुलिस उसके घर में घुसकर मारेगी. जिस पदाधिकारी की लापरवाही से यह घटना हुई है, उसके खिलाफ 24 घंटे में कार्रवाई होगी.
जरूरत हुई तो एनकाउंटर करेंगे- विजय सिन्हा
उधर, डिप्टी सीएम विजय सिंन्हा गोपाल खेमका के घर पहुंचे. वहां पर उन्हें उनकी माता जी के आक्रोश का सामना करना पड़ा. पीड़ित परिवार से मिलने के बाद विजय सिन्हा ने कहा कि बीजेपी का कार्यकर्ता हो या बिहार का कोई बेटा हो, हत्या हमेशा हमे मर्माहत करती है. जितनी बड़ी कार्रवाई होगी, एनकाउंटर और बुलडोजर की जरूरत पड़ेगी तो करेंगे.
नहीं कह सकते जंगल राज- तेजस्वी
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस मामले पर सरकार पर सवाल उठाया है. अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर उन्होंने लिखा है कि थाना से चंद दूर पटना में बिहार के बड़े व्यापारी की गोली मारकर हत्या! हर महीने बिहार में सैकड़ों व्यापारियों की हत्या हो रही है, लेकिन जंगलराज नहीं कह सकते? क्योंकि इसे ही शास्त्रों में मीडिया प्रबंधन, परसेप्शन मैनेजमेंट और छवि प्रबंधन कहते हैं.
अधिकारियों का जंगल राज- PK
जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने पटना में व्यवसायी गोपाल खेमका की सरेआम हत्या की कड़ी निंदा की. उन्होंने कहा कि जिस तरह लालू जी के राज में अपराधियों का जंगलराज था, उसी तरह नीतीश कुमार के राज में अफसरों का जंगलराज है. दोनों के राज में अपराध और भ्रष्टाचार के पैमाने में कोई अंतर नहीं है. पहले जनता लालू जी के अपराधियों के जंगलराज से परेशान थी, आज नीतीश जी के अफसर राज से परेशान है. सरकार का इकबाल खत्म हो चुका है.
ये भी पढ़ें-
पटना में बड़े उद्योगपति गोपाल खेमका की हत्या, पटना पुलिस की कार्यशैली पर सवाल, डीजीपी ने बनाई SIT






